ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नियमों की अनदेखी पर बैंक और वित्त संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है। एक बार फिर आरबीआई का एक्शन सामने आया है। एक बैंक और दो नॉन बैंक फाइनेंस कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इस संबंध में में केंद्रीय बैंक में बयान भी जारी किया है।
आरबीआई ने सिटी बैंक (NA) पर दिशा निर्देशों का अनुपालन न करने के आरोप में 39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस संबंध में इस संबंध में 20 फरवरी को नोटिस जारी किया गया था। जेएम फाइनेंशियल होम लोन्स लिमिटेड पर 1.50 लाख रुपये और आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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बैंक ने किया इन नियमों का उल्लंघन (RBI Action)
बैंक ने देरी से बड़े एक्स्पोज़र सीमाओं में कुछ उल्लंघन की सूचना दी। इसके अलावा क्रेडिट सूचना कंपनियों के अस्वीकृति रिपोर्ट प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर कुछ सेगमेंट से संबंधित संशोधन देता भी अपलोड नहीं कर पाया। जांच के दौरान आरोपी की पुष्टि होने पर आरबीआई नहीं है सख्त कदम उठाया। हालांकि ग्राहकों पर इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ेगा।
कंपनियों पर क्या हैं आरोप?
- जेएम फाइनेंशियल होम लोन्स लिमिटेड ने अपने ग्राहकों को आवेदन पत्र में जोखिम के वर्गीकरण के दृष्टिकोण और विभिन्न श्रेणियां के उधारकर्ताओं से अलग-अलग ब्याज दर वसूलने के औचित्य का खुलासा नहीं किया। साथ स्वीकृत पत्रों में भी इसे स्पष्ट रूप से बताने में विफल रहा।
- आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड कुछ उधारकर्ताओं कि घरेलू आय को क्रेडिट सूचना कंपनियों को रिपोर्ट नहीं कर पाया। कुछ गोल्ड लोन के लिए फैक्टशीट भी भी प्रदान नहीं कर पाया। इतना ही नहीं कंपनी उन सभी शिकायतों को स्वतः बढ़ाने की प्रणाली स्थापित भी नहीं कर पाया, जिन्हें उसके आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र द्वारा आंशिक या पूर्ण रूप से अस्वीकृत कर दिया गया था। ताकि अंतिम निर्णय के लिए आंतरिक लोकपाल को भेजा जा सके।