साल 2026 की आखिरी आरबीआई मौद्रिक नीति कमिटी (RBI MPC Meeting 2025) की बैठक 3 दिसंबर से शुरू होने वाली है। 5 दिसंबर सुबह 10 बजे को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा फैसला सुनाएंगे। जिसे आम नागरिक यूट्यूब, X, आरबीआई के ऑफिशियल वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख पाएंगे। मीटिंग के दौरान रेपो रेट, जीडीपी ग्रोथ और महंगाई समेत कई वित्तीय मुद्दों पर चर्चा होगी।
हर तिमाही आरबीआई एमपीसी बैठक का आयोजन करता है। इसमें कुल 6 सदस्य शामिल हैं- 3 समिति से और तीन नामांकित मेंबर्स। वहीं अध्यक्ष भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर होते हैं। इससे पहले बैठक आयोजन 29 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर के बीच किया गया था। वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी बैठक थी। दिसंबर में होने चलो वित्तवर्ष की पांचवी बैठक का आयोजन केंद्रीय बैंक करने जा रहा है।
क्या रेपो रेट में होगा बदलाव?
पिछली एमपीसी बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट कोई बदलाव नहीं किया था। लेकिन घटती महंगाई और मजबूत जीडीपी को देखते हुए इस बार दरों में बदलाव होने की संभावनाएं हैं। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के रिपोर्ट का भी मानना है आरबीआई नीतिगत दरों में 25 बीपीएस तक की कटौती कर सकता है।
इस साल अब तक केंद्रीय बैंक तीन बार नीति का दरों में कटौती की कर चुका है। फरवरी में 25 बीपीएस तक की गिरावट देखी गई थी। इसके बाद रेपो रेट 6.50% से घटकर 6.25% हो गया था। दूसरी कटौती अप्रैल 2025 में की गई थी। वहीं 2025 में आरबीआई ने 0.50% की कटौती की थी। पिछले दो एमपीसी बैठकों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। वर्तमान में दरें 5.50% पर बरकरार है। यदि दिसंबर में इसमें की कटौती होती है तो दरें घटकर 5.25% तक पहुंच जाएगी। जिसका सीधा असर लोन और ईएमआई पर पड़ेगा। बैंक लोन के ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ भी कम होगा।
महंगाई पर क्या है अनुमान?
बैंक ऑफ़ बड़ौदा के के इकोनॉमिक्स के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के चौथी तिमाही और FY27 में महंगाई दर 4% रहने की संभावनाएं हैं। जिसके कारण रियल रेपो रेट 1-1.5% तक र्ह सकता है। ऐसे में आरबीआई रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला भी ले सकता है। वहीं एचडीएफसी बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए महंगाई दर 4% नीचे रहने की संभावना है।





