Saving Scheme: एसबीआई की धमाकेदार स्कीम, निवेश पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न, 31 दिसंबर तक उठाएं लाभ

Manisha Kumari Pandey
Published on -

Money Saving Scheme: पैसे बचाने से कई फायदे होते हैं। लोग बचत के लिए बैंकों में खाता खुलवाते हैं। डाकघर के योजनाओं में निवेश करते हैं। मनी सेविंग के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन मकसद समान होता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। बैंक ग्राहकों को सुरक्षित निवेश और रिटर्न की गारंटी देता है। साथ ही ग्राहकों के लाभ के लिए कई योजनाएं चलाता है। यदि आप भी बचत के लिए निवेश का उचित प्लेटफ़ॉर्म ढूंढ रहे हैं तो एसबीआई की “अमृत कलश एफडी स्कीम” आपकी मदद सकती है।

31 दिसंबर तक उठायें लाभ

अमृत कलश योजना बैंक द्वारा संचालित फिक्स्ड डिपॉजिट योजना है। इच्छुक ग्राहक 31 दिसंबर तक योजना का लाभ उठा सकते हैं। स्कीम 15 अगस्त को बंद होने वाली थी। लेकिन लोकप्रियता को देखते हुए एसबीआई के डेडलाइन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

लोन के लिए कर सकते हैं आवेदन

स्कीम में निवेशक दो करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी के पहले पैसे भी निकाल सकते हैं। साथ ही लोन भी अप्लाइ कर सकते हैं।

ये है कैलकुलेशन

एसबीआई के इस खास स्कीम के तहत 400 दिनों के लिए निवेश करना पड़ता है। आम नागरिकों को 7.1 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.6 फीसदी ब्याज वर्तमान में बैंक ऑफर कर रहा है। यदि कोई व्यक्ति स्कीम मवं 1 रुपये का निवेश करता है तो मैच्योरिटी के वक्त उसे 8,017 रुपये का ब्याज मिलता है। वहीं सीनियर सिटीजन को 8600 रुपये का इंटरेस्ट मिलता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News