MP School : 10वीं-12वीं छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, राज्य शासन को भेजा गया प्रस्ताव, हायर सेकेंडरी कक्षा में मिलेगा लाभ

अभी तक 10th में 6 पाठ्यक्रम चल रहे थे। जिसकी संख्या 19 होगी इसी के साथ 12th में पांच के बदले अब कोर्स की संख्या 39 होगी।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) में नई शिक्षा नीति के तहत MP School 11वीं के छात्रों को भी बड़ी राहत दी जाएगी। कॉलेज (MP Colleges) की तरह माध्यमिक कक्षाओं के छात्रों को भी पढ़ाई में विषय चयन करने की छूट रहेगी। 11वीं के छात्र एक विषय लेकर अन्य विषय की पढ़ाई भी कर सकेंगे। इसके लिए स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू कर दिए गए हैं।

नवीन अपडेट की मानें तो राज्य शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत यह बदलाव किया जा रहा। वहीं सत्र 2022 में उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं में बहुत संकाय प्रक्रिया लागू की जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि एक संकाय के छात्र दूसरे संकाय के विषय के चयन कर सकेंगे। जैसे गणित के साथ कोई छात्र इतिहास का चयन कर सकता है। इसके अलावा विज्ञान के साथ कला संकाय की पढ़ाई में भी छात्र पात्रता रखेंगे।

हालांकि पहले सबसे पहले इसे 11वीं कक्षा में सत्र 2022 से लागू किया जाएगा। जिसके बाद इसे अगले सत्र में 12वीं कक्षा में भी लागू किया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। प्रस्ताव को राज्य शासन की अनुमति के लिए भेज दिया गया। जल्द राज्य शासन से अनुमति मिलने के बाद बहु संकाय आधार पर 11वीं कक्षा में छात्रों को प्रवेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत कौशल विकास पर भी जोड़ दिया जाएगा। साथ ही से मुख्य पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल से जोड़ना भी अनिवार्य है। जिसके लिए खेल क्राफ्ट संगीत आदि सहित अन्य पार्टी के तौर पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

11वीं कक्षा में बच्चों को पांच विषय लेना होगा। जिनमें इन्हें ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें तीन मुख्य विषय होंगे जबकि भाषा के पेपर के साथ 1 विषय लेना अनिवार्य होगा। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव श्रीकांत बनोठ का कहना की एकल संकाय का बंधन समाप्त हो जाएगा। विज्ञान और अर्थशास्त्र संकाय के छात्र कला या संगीत के विषय का भी चुनाव कर सकेंगे। प्रस्ताव को राज्य शासन के पास भेजा गया है।

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नई शिक्षा नीति के तहत अब तीसरे विषय को भी क्षेत्रीय विदेशी भाषा में शामिल किया जाएगा। दरअसल अभी तक हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही से विषय के रूप में संस्कृत चुनने का विकल्प था। नई शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषा कन्नड़, तमिल, मलयालम, विदेशी भाषा के मौजूद रहेंगे। इस सत्र में व्यवसायिक पाठ्यक्रम लागू होंगे। साथ ही पुराने पाठ्यक्रम को समाप्त कर दिया जाएगा। अभी तक 10th में 6 पाठ्यक्रम चल रहे थे। जिसकी संख्या 19 होगी इसी के साथ 12th में पांच के बदले अब कोर्स की संख्या 39 होगी।

नई नई शिक्षा नीति के तहत 10वीं के छात्रों के भी आत्म मूल्यांकन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा। दसवीं के छात्र संपूर्णानंद से करेंगे नई शिक्षा नीति के तहत रिपोर्ट करने बदलाव किया जाएगा। तीन स्तर पर आकलन होंगे। जिसमें स्वयं विद्यार्थी के अलावा उनके दोस्त और शिक्षक उनका मूल्यांकन करेंगे ।छात्र खुद को या दोस्त और शिक्षक से 25 फीसद अंक प्राप्त करने की पात्रता रखेंगे।