MP School : स्कूल फीस-अन्य मदों पर गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य, स्कूलों का होगा निरीक्षण, अभिभावक-छात्रों को मिलेगा लाभ

जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना की माने तो प्राइवेट निजी स्कूलों में जल्दी निरीक्षण का कार्य शुरू होगा

MP school Education department

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट एमपी स्कूल छात्रों (MP  School students) के लिए राहत भरी खबर सामने आई। दरअसल निजी स्कूलों में लगातार बढ़ रही फीस और एनसीईआरटी किताबों के संबंध में कई बार आदेश जारी किए गए लेकिन इसके पालन को नहीं देखा जा रहा है जिसके बाद एक बार फिर से कलेक्टर ने निजी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

भोपाल जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया के दिशा निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने कहा है कि अगर वेबसाइट पर सही जानकारी अपलोड नहीं की गई और निरीक्षण में गलत पाए जाते हैं तो स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक निजी स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया गया है। ना ही कोई कार्रवाई की गई है लेकिन जल्दी स्कूलों के निरीक्षण किए जाएंगे।

बता दें कि इससे पहले भोपाल जिला कलेक्टर की ओर से 7 मार्च को आदेश जारी किए गए थे। जिसमें अगर कोई भी School 3 साल के अंदर यूनिफॉर्म बदलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही युवकों को किसी एक निश्चित दुकान से किताब यूनिफार्म पर खरीदने के लिए भी दबाव नहीं डाला जा सकता है। इस आदेश के बाद निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी दिए गए थे। इतना ही नहीं आदेश मैं सीबीएसई स्कूल को किताब की सूची, फीस स्पोर्ट्स-यातायात सुविधाएं स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना भी अनिवार्य होगा।

वहीं अब अभिभावकों ने एक बार फिर से इस मामले में आवाज उठाई स्कूल में Private Publishers की किताबों को भी बदल दिया जा रहा है। प्राइवेट पब्लिशर्स की एक भी किताब डेढ़ ₹100 के नीचे नहीं है जबकि एनसीईआरटी की किताबें लागू नहीं होने से ढाई ₹250 का बुक सेट के लिए हर साल अभिभावकों को ₹6000 तक खर्च करना पड़ रहा है।

Read More :MS Dhoni Birthday Spacial : गरीब परिवार का लड़का कैसे बना भारतीय टीम का कप्तान, जाने महेंद्र सिंह धोनी का पूरा सफर

इसके अलावा कई स्कूलों द्वारा इस सत्र में यूनिफार्म को भी बदला गया। दरअसल पहली से चौथी तक के वाइट शर्ट में रेड ग्रीन और यलो पट्टी लगा दिए गए हैं जबकि स्पोर्ट्स की यूनिफॉर्म में भी टीशर्ट के मोनो का कलर चेंज किया गया है।कलेक्टर के आदेश का पालन करवाने एक बार फिर से स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना की माने तो प्राइवेट निजी स्कूलों में जल्दी निरीक्षण का कार्य शुरू होगा और यदि वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के साथ निरीक्षण की गई जानकारी मैच नहीं करती है तो स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूल में इस साल 12 वर्षों के बाद शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। इस मामले में संभागीय संयुक्त संचालक जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य को नोटिस जारी कर कहा गया कि नौवीं और दसवीं के छात्रों को क्रीड़ा शुल्क अब 60 के बजाय ₹120 और कक्षा 11वीं 12वीं के छात्रों को एक सौ के बजाय ₹200 वसूले जाएंगे।

वही स्काउट गाइड शुल्क नौवीं दसवीं के लिए छात्रों को 10 की वजह ₹30 और 11वीं-12वीं के छात्रों को ₹50 वसूले जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शुल्क को बढ़ाने प्रस्ताव 2020 में पास किया गया था हालांकि वित्त विभाग की स्वीकृति 2022 में दी गई है। इससे पहले सरकार कोरोना के बुरे दौर को देखते हुए स्कूल शिक्षा के शुल्क को बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी। जिसके बाद शुल्क बढ़ोतरी को 2 साल के लिए स्थगित करने की कार्रवाई की गई थी।