MP-TET Exam Preparation Tips: परीक्षा में बाकी है कुछ दिन, जाने Quick Revision के लिए कुछ ट्रिक्स

mpnr

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। MP TET Tier -3 के पेपर्स 5 मार्च 2022 से शुरू होने वाले हैं, यदि इन दिनों परीक्षा की तैयारी के लिए सही स्ट्रेटजी नहीं अपनाई गई, तो आपकी तैयारी अधूरी भी रह सकती है। परीक्षा में समय बहुत कम बाकी है इसलिए अब तक आपने जो भी पढ़ा है केवल उसी के रिवीजन पर ध्यान दें, नए टॉपिक को शुरू करना बुरा हो सकता है।

मध्यप्रदेश  प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में के वर्ग 3 में 5 सब्जेक्ट होते हैं। इस लिस्ट में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (child development and pedagogy ), हिंदी भाषा एवं शिक्षाशास्त्र (hindi language and pedagogy), इंग्लिश लैंग्वेज एवं शिक्षाशास्त्र (english language and pedagogy), गणित एवं शिक्षाशास्त्र (mathematics and pedagogy ), पर्यावरण एवं शिक्षाशास्त्र (environment and pedagogy) शामिल हैं।

यह भी पढ़े… BJP युवा मोर्चा में जगह न मिलने से गुना में यादव समाज नाराज, सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

ज्ञान शिक्षा मनोविज्ञान साइंस साइकोलॉजी के थ्योरी की माने तो इन दिनों  परीक्षा की तैयारी को सबसे पहले ईजी टॉपिक से शुरू करना चहिए, उसके बाद ही मुश्किल टॉपिक्स को पढ़ने के लिए चुनना चाहिए। खुद पर विश्वास रखना सबसे बड़ी बात है, जो परीक्षा के समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। शिक्षा मनोविज्ञान के मुताबिक आपने जो भी पढ़ा हो उस पर विश्वास करें, ताकि जब आप एग्जाम में पेपर लिख रहे हो, तो आपके दिमाग में यह सारी बातें चलती रहे और आपको सारी पढ़ी हुई चीज है याद भी रहे।

मध्यप्रदेश  प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण टॉपिक होता है। शिक्षा मनोविज्ञान के अनुसार इसे पढ़ने की आसान ट्रिक होती है। आपने जो पढ़ा है उसे याद रखने के लिए, अपने आस -पास पाए जाने वाले बच्चों को अवस्थाओं के अनुसार नाम दें और परीक्षा में जैसे ही इस अवस्था से संबंधित कोई सवाल पूछे जाएंगे, तो आपको बच्चे से जुड़ी हुई एक्टिविटीज याद आएंगी और आप सही उत्तर लिख पाएंगे। अपने आस-पास बच्चों को बड़े होते तो, हर उम्मीदवार ने देखा होता है, इसलिए उनसे जुड़ी एक्टिविटी और समस्याएं आपको आसानी से याद रहेंगी। बाकी आत्मविश्वास रखने से सफलता जरूर हासिल होती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews