पेंशनरों के लिए जरूरी खबर, 5% महंगाई राहत वृद्धि पर अपडेट, जानें कब मिलेगा पेंशन में लाभ

Pooja Khodani
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रायपुर, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी 34% मंहगाई भत्ते और केन्द्र के समान एचआरए की मांग कर रहे है,  वही दूसरी तरफ आदेश के बावजूद अबतक मासिक पेंशन में में पांच प्रतिशत महंगाई राहत ना लाभ ना मिलने पर पेंशनरों में नाराजगी बढ़ने लगी है।इधर पेंशनर्स केंद्र के समान 34 प्रतिशत महंगाई राहत केंद्र के देय तिथि से देने के लिए आंदोलनरत है।

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दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पेंशनरों को मई 2022 से 5% महंगाई राहत का लाभ देने 16 अगस्त को आदेश जारी किया था। bur छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति से मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ी हुई राशि का भुगतान मई 2022 से एरियर के साथ जुलाई 2022 की पेंशन में कर दिया है, बावजूद इसके अबतक पेंशनरों को बढ़ी हुई मासिक पेंशन एवं परिवार पेंशन का लाभ नही मिला है।छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

अगस्त में आदेश जारी होने के बाद पेंशनरों को उम्मीद थी कि त्यौहारी सीजन को देखते हुए अगस्त पेंशन में पांच प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान हो जाएगा, परंतु अगस्त की मासिक पेंशन में पांच प्रतिशत महंगाई राहत जोड़े बिना पुरानी पेंशन बैंक खाते में आने से पेंशनरों में आक्रोश बढ़ गया है।वही छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन ने शासन से तुरंत केंद्र के बराबर 34 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश एरियर सहित देने के जारी करने की भी मांग की है।

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बता दे कि जुलाई में छत्तीसगढ़ के पेंशनरों ने मंहगाई राहत में बढोतरी की मांग को लेकर एक सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने की ईश्वर से प्रार्थना की थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्य प्रदेश के 11% के प्रस्ताव पर कटौती करके मई 22 से 5 प्रतिशत महंगाई राहत पर सहमति जताई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश में अगस्त में आदेश प्रसारित कर पेंशनरों को लाभ देने के आदेश जारी करने के साथ 10 अगस्त तक सभी के खाते में भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन छत्तीसगढ़ शासन ने यही आदेश विलंब से 16 अगस्त को जारी किया।


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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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