Green Corridor: ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 45 मिनट में मरीज को भिलाई से पहुंचाया गया रायपुर

भिलाई ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) तैयार कराया और मरीज को 45 मिनट में नारायणा एमएमआई हॉस्पिटल, रायपुर पहुंचाया गया। पढ़ें विस्तार से...

रायपुर, डेस्क रिपोर्ट | कहते हैं जन्म देने वाला से ज्यादा बड़ा जान बचाने वाला होता है और जहां इंसानियत है वहां हर नामुंमकिन भी मुंमकिन हो जाती है, तो आज हम आपको राजधानी रायपुर की एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जहां एक 85 वर्षीय वृद्ध मरीज को मौत के मुंह से बचा लिया गया है।

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दरअसल, भिलाई में वृद्ध मरीज की हालत ज्यादा गंभीर थी जो कि कार्डियक पेशेंट हैं, जिन्हें सेक्टर 9 हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने हालत बिगड़ने पर रायपुर रेफर कर दिया था। चुंकी, मरीज की हालत काफी क्रिटिकल थी इसलिए डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर से मदद मांगी। जिसके बाद डीएसपी ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर भिलाई ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) तैयार कराया और मरीज को 45 मिनट में नारायणा एमएमआई हॉस्पिटल, रायपुर पहुंचाया गया। इस तरह से उस वृद्ध की जान बचाई जा सकी।

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वहीं, इस मामले में डीएसपी सतीश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि, शनिवार शाम उनके पास सेक्टर 9 हॉस्पिटल से फोन आया था। उन्होंने बताया कि उनके यहां हुडको निवासी लीला पाण्डेय, जिनकी उम्र 85 साल है वो अस्पताल में भर्ती है लेकिन उनकी तबियत ज्यादा खराब है इसलिए उन्हें जल्द-से-जल्द नारायणा एमएमआई हॉस्पिटल, रायपुर पहुंचाना जरूरी है नहीं तो मरीज की जान भी जा सकती है। जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और ग्रीन कॉरिडोर तैयार करावाया। साथ ही, एक पायलेट को भी एम्बुलेंस के साथ आगे-आगे भेजा, जिसके लिए खुर्सीपार, भिलाई तीन, कुम्हारी, चरोदा में जगह-जगह पाइंट तैयार करवाए गए। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने एंबुलेंस के आगे कोई भी ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं आने दी।

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आपको बता दे भिलाई से रायपुर में कुल डेढ़ घंटे लगते हैं लेकिन रायपुर में ट्रैफिक पुलिस ने बेहतर काम करते हुए मरीज को मात्र 45 मिनट में पहुंचाया जो कि सच में एक सराहनीय काम है। दरअसल, Green Corridor एक ऐसी सुविधा है, जहां अस्पताल कर्मियों और पुलिस के आपसी सहयोग से अस्थायी रूप से एक रास्ता तैयार किया जाता है। इस रूट में कुछ देर के लिए ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से निर्धारित मार्ग पर यातायात सुविधा को रोक दिया जाता है ताकि एम्बुलेंस को एक से दूसरी आसानी से पहुंचाया जा सके।

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