CG Weather: 20 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी, शासन-प्रशासन अलर्ट, जानें मौसम विभाग का पूर्वानुमान

ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास के हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ डिप्रेशन पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और अब यह उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों पर है।

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रायपुर, डेस्क रिपोर्ट । मानसून द्रोणिका और निम्न दाब के प्रभाव से आज मंगलवार को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।छत्तीसगढ़ मौसम विभाग (CG Weather Department) ने आज मंगलवार 16 अगस्त को रायपुर, दुर्ग संभागों समेत 20 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। इसके आज एक साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। वही कई जिलों में बिजली गिरने और चमकने की भी चेतावनी जारी की गई है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ रहने वाला है और प्रदेशभर में 19 अगस्त तक भारी बारिश के आसार है।

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सीजी मौसम विभाग (CG Weather Update) के अनुसार, मानसून द्रोणिका के साथ ही प्रदेशभर में निम्न दाब का क्षेत्र बन रहा है।अगले 24 से 48 घंटे में और प्रबल होकर अवदाब के रूप में बदलने की संभावना है, ऐसे में मानसून द्रोणिका व निम्न दाब के प्रभाव से आज मंगलवार को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। बारिश का क्षेत्र मुख्य रूप से मध्य छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है।  रायपुर और दुर्ग संभाग के लगभग सभी जिलों में आगामी 48 घंटों तक भारी बारिश  का अलर्ट जारी किया गया है।

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स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास के हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ डिप्रेशन पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और अब यह उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों पर है। वही पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में जारी रहने की संभावना है। मध्य क्षोभ मंडलस्तर तक फैले इसे रिलेटेड चक्रवा ती परिसंचरण(cyclonic circulation) के साथ पूर्वोत्तर और उससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ बीकानेर, कोटा, सागर, उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बने हुए डिप्रेशन के केंद्र से गुजरती हुई, बालासोर और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है।

सीएम ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, इसको देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नदियों विशेषकर महानदी बेसिन के किनारे गांवों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महानदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए जांजगीर-चाम्पा एवं रायगढ़ जिले के नदी किनारे वाले गांवों में जिला प्रशासन को विशेष निगरानी एवं सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की टीम महानदी के जलस्तर पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है। नदी के दोनों ओर के निचले स्तर के गांव और बस्तियों में मुनादी कराने के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा निचली बस्तियों के लोगों को ऐहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविरों में ले जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

नदी-नाले उफान पर, बांधों के गेट खोले

राज्य में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग स्थित सिंचाई बांध और जलाशय लबालब हैं। ऐसी स्थिति में बांधों और जलाशयों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। धमतरी जिला स्थित रविशंकर जलाशय से 52 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है, जबकि सोंढूर बांध से पांच हजार क्यूसेक, सिकासेर से 13 हजार 400 क्यूसेक पानी इस प्रकार कुल 70 हजार 400 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा हो रहा है, जबकि शिवनाथ नदी पर बने मोंगरा बैराज, सूखा नाला बैराज और घूमरिया बैराज से 70 हजार क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा जा रहा है, जो कल मध्य रात्रि तक डाउनस्ट्रीम के जिलों में पहुंच जाएगा। महानदी बेसिन इलाके में लगातार बारिश के कारण भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

बाढ़ के हालात

हीराकुंड बांध में अभी करीब 9 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। ओडिशा के महानदी डेल्टा क्षेत्र में भारी बारिश और ओडिशा में बाढ़ की स्थिति के बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पहल के बाद हीराकुंड बांध के अधिकारियों ने हीराकुंड से पानी छोड़ने पर सहमति व्यक्त की है। अभी तक, हीराकुंड से लगभग 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जोकि इसकी क्षमता का लगभग आधा है। यही वजह है कि रायगढ़ और जांजगीर चांपा जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई है। जांजगीर-चाम्पा और रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने आपदा राहत उपायों के लिए NDRF आकस्मिकता की मांग की है। दोनों जिलों के बाढ़ संभावित गांव में मुनादी कराने के साथ ही निचले इलाकों से लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। यदि लगातार हो रही बारिश नहीं रुकी तो उक्त दोनों जिलों में महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

अबतक जिलेवार बारिश की स्थिति

  • राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 885.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
  • राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 15 अगस्त तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1894.1 मिमी और सरगुजा में जिले में सबसे कम 351.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
  • राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 512.0 मिमी, बलरामपुर में 472.2 मिमी, जशपुर में 501.0 मिमी, कोरिया में 515.0 मिमी, रायपुर में 678.7 मिमी।
  • बलौदाबाजार में 892.4 मिमी, गरियाबंद में 948.5 मिमी, महासमुंद में 906.0 मिमी, धमतरी में 961.1 मिमी, बिलासपुर में 1019.9 मिमी, मुंगेली में 963.1 मिमी, रायगढ़ में 839.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1026.8 मिमी।
  • कोरबा में 752.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 755.2 मिमी, दुर्ग में 786.0 मिमी, कबीरधाम में 862.1 मिमी, राजनांदगांव में 921.9 मिमी, बालोद में 993.7 मिमी, बेमेतरा में 559.5 मिमी, बस्तर में 1284.7 मिमी।
  • कोण्डागांव में 1035.2 मिमी, कांकेर में 1139.9 मिमी, नारायणपुर में 1062.4 मिमी, दंतेवाड़ा में 1284.9 मिमी और सुकमा में 863.6 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।