छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का अनूठा संगम बताया। उन्होंने भारत और जापान के बीच विश्वास और साझा मूल्यों की गहरी साझेदारी पर जोर देते हुए जापानी निवेशकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम राज्य में निवेश और सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका के साथ ₹100 करोड़ (11.45 मिलियन डॉलर) के निवेश प्रस्ताव पर चर्चा की, जिसके तहत छत्तीसगढ़ में एक अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। यह परियोजना न केवल राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को सशक्त करेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और किसानों के लिए नए अवसर भी प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती देगी, जिससे स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुलेंगे, राज्य का कौशल तंत्र और सशक्त
कार्यक्रम के दौरान बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों में मुख्यमंत्री ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट श्री नाओयुकी शिमाडा से मुलाकात की। इस बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। श्री साय ने जोर देकर कहा कि इस तरह के सहयोग से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुलेंगे और राज्य का कौशल तंत्र और सशक्त होगा। यह पहल छत्तीसगढ़ को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मानव संसाधन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
प्रोत्साहन योजनाओं और सुधारों की सराहना
छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की निवेश-अनुकूल विशेषताओं को उजागर करते हुए प्रचुर खनिज संपदा, सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम और विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचे की जानकारी दी। जापानी प्रतिनिधियों ने राज्य की प्रोत्साहन योजनाओं और सुधारों की सराहना की, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साह दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए अवसरों और सहयोग का केंद्र है। जापान के साथ हमारी साझेदारी न केवल निवेश लाएगी, बल्कि हमारे किसानों और युवाओं को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और मजबूत करेगी।”





