Paddy Procurement 2023: 22 लाख किसानों के लिए अच्छी खबर, 19875 करोड़ रूपए का भुगतान, 31 जनवरी तक होगी खरीदी, जानें रेट-प्रक्रिया

अब तक कुल धान खरीदी 97 लाख मीट्रिक टन धान में से 82 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 71 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

CG Paddy Procurement 2023: छत्तीसगढ़ के किसानों (CG Farmers) के लिए अच्छी खबर है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी जारी है, जो 31 जनवरी तक चलेगी। अबतक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आकंड़ा 97 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है। राज्य के 22 लाख से अधिक किसानों धान के एवज में 19,875 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। बता दे कि राज्य सरकार ने धान का मूल्य 2 हजार 40 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

दरअसल, सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आकड़ा 97 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है। राज्य के 22 लाख से अधिक किसानों धान के एवज में 19,875 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

अब तक कुल धान खरीदी 97 लाख मीट्रिक टन

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 97 लाख मीट्रिक टन धान में से 82 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 71 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 13 जनवरी को 34 हजार 480 किसानों से 1.43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 09 हजार टन धान की भी खरीदी हुई है।

राज्य में 25.96 लाख किसानों का पंजीयन

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.96 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.30 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।