कलेक्टर के साथ सहारा का फ्रॉड, निवेशकों ने दिया 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम

निवेशकों का कहना है कि सितंबर और अक्टूबर महीने में तीज, गणेश पर्व और दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों आ रहे हैं और इन त्योहारों को मनाने के लिए सहारा इंडिया के लाखों निवेशकों के पास सहारा में जमा की गई जमा पूंजी के अलावा कोई विकल्प नहीं है इसलिए उन्हें राशि जल्द से जल्द वापस दिलाई जाए।

रायपुर डेस्क रिपोर्ट। छत्तीसगढ़ में सहारा के अभिकर्ता और निवेशक एकजुट हो गए हैं और उन्होंने राजनांदगांव जिले के कलेक्टर को ज्ञापन देकर 5 सितंबर तक उनकी राशि वापस लौटाने की मांग की है। वे कलेक्टर से सहारा के चार डायरेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे है।

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लंबे समय से लोगों का पैसा नहीं लौटा रही सहारा इंडिया कंपनी के निवेशकों ने राजनांदगांव जिले के कलेक्टर को बुधवार को ज्ञापन दिया।इसमे सहारा के चार डायरेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

दरअसल निवेशकों का पैसा वापस लौटाने के मामले में राजनांदगांव जिले में सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज हुई थी और जिला प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से 4 महीने पहले कंपनी के 4 डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर राजनांदगांव कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे सहारा जमा कर्ताओं को उनकी राशि वापस लौटाएंगे। उस समय चार डायरेक्टरों की ओर से 15 करोङ रू जिला प्रशासन के पास जमा कराये गये थे। लेकिन 10 करोङ रू का चेक बाद में बाउंस हो गया यानि साफ तौर पर उन्होंने इस बार जनता के साथ-साथ कलेक्टर को ही ठग लिया।

निवेशकों का कहना है कि जालसाजी करने वाले ऐसे चार डायरेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और 5 सितंबर तक निवेशकों का पैसा वापस लौटाया जाए वरना निवेशक सपरिवार कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। निवेशकों का यह भी कहना है कि सितंबर और अक्टूबर महीने में तीज, गणेश पर्व और दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों आ रहे हैं और इन त्योहारों को मनाने के लिए सहारा इंडिया के लाखों निवेशकों के पास सहारा में जमा की गई जमा पूंजी के अलावा कोई विकल्प नहीं है इसलिए उन्हें राशि जल्द से जल्द वापस दिलाई जाए।