दमोह , गणेश अग्रवाल

जिला अस्पताल से एक ऐसे पेशेंट को डिस्चार्ज किया गया है. जो कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुई थी, वही कोरोना पीड़ित होने के चलते ही उसने एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि डॉक्टरों की हिदायत और मरीज की सावधानी के चलते बच्चे को कोरोना नहीं हो पाया। वही दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें जिला अस्पताल से विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित कर डिस्चार्ज किया गया।

दरअसल, दमोह के जिला अस्पताल में चंद दिनों पहले ही बटियागढ़ से पेशेंट को लाया गया था, यह महिला पेशेंट कोरोना पॉजिटिव थी और उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी। देर रात लाई गई इस महिला का प्रसव करने के लिए सभी डर रहे थे तो इसी दौरान रात में ही आरएमओ डॉ दिवाकर पटेल को इस मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने तत्काल ही पेशेंट को कोरोना अस्पताल में शिफ्ट कराया और बाकी डॉक्टरों के निर्देश अनुसार सुरक्षित प्रसव भी कराया।

डॉक्टरों की हिदायत के बाद उसकी मां द्वारा बच्चे का ख्याल रखा गया। डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ ने भी इन दोनों ही लोगों की विशेष जांच आदि करते हुए उन्हें जहां कोरोना नेगेटिव कर दिया, वही बच्चे को कोरोना पॉजिटिव नहीं होने दिया। महिला और बच्चे की जांच के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें मंगलवार की शाम अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।

जिले में यह पहला मामला था जो किसी गर्भवती महिला को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उसका प्रसव कराया गया था, और उसे ठीक करके घर भेजा गया। इस संबंध में जहां ठीक हो चुकी महिला ने डॉक्टर को साधुवाद दिया, तो वही अस्पताल के सिविल सर्जन एवं डॉक्टर ने भी इस मामले को लेकर अपने अनुभव शेयर किए।

यहां कोरोना पीड़ित महिला ने दिया बच्चे को जन्म, नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद जच्चा और बच्चा हुए डिस्चार्ज