आखिरकार सरकार ने स्वीकारा, कोरोना कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज पर पहुंचा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने स्वीकारी कोरोना के सामुदायिक विस्तार की बात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अब तक लगातार देश में कोरोना के म्युनिटी ट्रांसमिशन को नकारने के बाद आखिर 18 अक्टूबर को मोदी सरकार (modi government) ने मान लिया है कि कोरोना का सामुदायिक विस्तार हो चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन (community transmission) के चरण में पहुंच चुका है। इससे पहले सरकार सरकार लगातार ये कहती रही थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कम्युनिटी ट्रांसमिशन शब्द की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी है और हर देश अपनी स्थानीय परिस्थिति के हिसाब से इसे तय कर रहा है।

सबसे पहले केरल और बंगाल ऐसे राज्य थे, जिन्होंने स्वीकारा था कि उनके यहां कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी माना कि कोरोना वायरस का सामुदायिक संक्रमण चुनिंदा राज्यों के कुछ जिलों में हो चुका है। केंद्रीय मंत्री ने ने ‘संडे संवाद’ के छठे एपिसोड में अपने सोशल मीडिया फॉलोअरों से बातचीत में यह बात कही जहां वह एक प्रतिभागी के सवाल का जवाब दे रहे थे। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल समेत अनेक राज्यों के विभिन्न हिस्सों में और खासतौर पर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण हो सकता है।’’ उन्होने कहा कि ‘हालांकि देशभर में ऐसा नहीं हो रहा है। सामुदायिक संक्रमण कुछ राज्यों के कुछ जिलों तक सीमित है।’’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की परिभाषा के अनुसार कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है, जब कोई यह नहीं बता सकता कि लोगों को बड़ी तादाद में कोविड संक्रमण कैसे हुआ। जब बड़े पैमाने पर मामलों में यह पता न चल सके कि संक्रमण का जरिया क्या है तो इसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन माना जाना चाहिए। इसका मतलब ये कि सरकार को पता नहीं होता कि नए केसेस का सोर्स क्या है। कम्युनिटी ट्रांसमिशन में कोरोना वायरस के कैरियर तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। इससे पहले दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के सेंटर फॉर चेस्ट सर्जरी के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा था कि पर भारत में ऐसा हो रहा है। अब सरकार ने भी ये बात मान ली है कि कुछ राज्यों मे कम्युनिटी ट्रांसमेशन हो रहा है।