Corona: कहीं गिरावट तो कहीं है उछाल, कहीं स्थिर है स्थिति, जानें अपने राज्य का हाल

ऐसा देखा जा रहा है कि पहले उत्तर भारत कोरोना की तगड़ी चपेट में था। उत्तर भारत का लगभग हर राज्य कोरोना संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहा था। वहीं अब कोरोना ने दक्षिण भारत को अपना निशाना बनाया है।

मुख्यमंत्री

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश में कोरोना संक्रमण (corona infection) की रफ्तार कहीं धीमी होती तो कहीं तेजी से बढ़ती नज़र आ रही है।वहीं कहीं स्थिति स्थिर बनी हुई है। आंकड़े ये साफ करते हैं कि भारत में दिल्ली और अन्य उत्तर भारत (north india) के राज्यों में कोरोना का प्रकोप कुछ कम होता नजर आ रहा है। वहीं दक्षिण भारत में कोरोना की रफ्तार (speed) बढ़ रही है। आइए जानते हैं विभिन्न राज्यों (states) के हाल:

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ऐसा देखा जा रहा है कि पहले उत्तर भारत कोरोना की तगड़ी चपेट में था। उत्तर भारत का लगभग हर राज्य कोरोना संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहा था। वहीं अब कोरोना ने दक्षिण भारत को अपना निशाना बनाया है। इसमें सबसे बुरी स्थिति केरल राज्य की है। जहां बीते 24 घंटों में 43,529 कोरोना संक्रमित पाए गए इसके साथ ही 95 लोगों ने कोरोना के चलते अपनी जान गंवा दी है। वहीं सोमवार को ये संख्या 30 हजार से कम थी जो मंगलवार को 37 हजार हो गयी थी।

केरल के अलावा दक्षिण भारत में तमिलनाडु और कर्नाटक में भी स्थिति ठीक नहीं है। कर्नाटक में 39,998 नए कोरोना संक्रमण केस मिले वहीं 516 लोगों ने संक्रमण से प्राण त्याग दिए। तमिलनाडु में मामले 30 हजार पार वहीं मरने वालों की संख्या 293 हो गयी। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी न संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं ना ही मौतों का आंकड़ों में गिरवाट देखी जा सकती है।

बात करें मुम्बई की तो यहां दो दिन से कोरोना मामलों में गिरावट देखने को मिली लेकिन 2 दिन बाद फिर से नए मामलों में उछाल आया। सोमवार को 1,782नए मामले आए थे वहीं मंगलवार को 1,717 जो बुधवार को 2,104 हो गए। महाराष्ट्र में भी मामलों में गिरावट के बाद उछाल देखने को मिल रहा है।

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मध्य प्रदेश में स्थिति सुधरती हुई नजर आ रही है। 10 मई से यहां पर कोरोना मामले 10, 000 से नीचे आ रहे हैं। जो कि बहुत सकारात्मक संकेत है।

राजधानी दिल्ली में कोरोना के नए मामले 15 हजार से नीचे ही बने हुए हैं। हालांकि यहां मौतों का दर अधिक है। रोज़ 300 के लगभग मौतें हो रही हैं। वहीं राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, ओडिशा में स्थिति में स्थिरता देखने को मिल रही है। अर्थात न ही मामले बढ़ रहे हैं ना ही गिर रहे हैं।