IGNOU

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते मार्च से बंद हुए सरकारी  और निजी कॉलेज (Government-Private College) 1 जनवरी से खोले जाएंगे। इसकी जानकारी मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Madhya Pradesh Higher Education Minister Mohan Yadav) ने प्रेस वार्ता (Press Conference) के दौरान दी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि आगामी 1 जनवरी से तीन चरणों (Three steps) में कॉलेज (College) की कक्षाएं लगाई जाएंगी। पहले चरण यानी कि 1 जनवरी से साइंस स्ट्रीम (Science Stream)  के छात्रों की कक्षाएं (Classes) लगाई जाएंगी, वही 10 जनवरी से यूजीपीजी (UGPG) की फाइनल ईयर (Final Year) की क्लासेस आयोजित की जाएंगी। वहीं 20 जनवरी से पूरी क्षमता (Full capacity) के साथ कॉलेज खोल दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर तीन चरणों में कॉलेज खोलने (College Open) का फैसला लिया गया है।

 

प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने बताया कि कॉलेजों में छात्रों की संख्या ज्यादा होती है, जिसमें कोरोना के  संक्रमण का रिस्क (Risk) भी ज्यादा रहेगा। इसी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम (Arrangements) किए जाएंगे। छात्रों की संख्या ज्यादा होने के चलते हैं सभी विद्यार्थियों को एक साथ नहीं बुलाया जा सकता है, इसीलिए पहले चरण में साइंस स्ट्रीम (Science Stream) के छात्रों के लिए कक्षाएं लगाई जाएंगी, उसके बाद यूजी पीजी फाइनल ईयर (Final Year) के छात्रों के लिए विभाग खोले जाएंगे और फिर 20 जनवरी से पूरी मुस्तैदी के साथ पूरी क्षमता से कॉलेजों को खोल दिया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि नए साल (New Year) में नए सत्र (New Session) की शुरुआत होगी।

ये भी पढ़े- नगरीय निकाय चुनाव में एक घण्टे ज्यादा होगी वोटिंग, मतदान का समय बढ़ाया

शिक्षकों की टीम (Teachers Team) का गठन किया गया है , जो कि यूजीपीजी की परीक्षाओं की तैयारी करवाएगा। वही इस कोरोना काल में कॉलेजों में परीक्षा (Examination) आयोजित  की जाएंगी या नहीं इसका फैसला शिक्षक (Teachers) लेंगे। परीक्षाओं को लेकर सभी महाविद्यालय के शिक्षकों और प्रचार्य से सलाह मशवरा के बाद ही उच्च शिक्षा विभाग आगे काम करेगा। वही परीक्षा किस पैटर्न में होंगी इसका फैसला कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए लिया जाएगा। अगर प्रदेश में कोरोना का कहर कम रहा तो कॉलेजों में परीक्षाएं पुराने पैटर्न पर ही आयोजित की जाएंगी,  लेकिन अगर कोरोना वायरस इसी तरह बरकरार रहता है तो ई-पैटर्न पर ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

 

बता दे कि 18 दिसंबर से दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने विद्यालयों को खोल दिया है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा स्कूल को खोलने की लगातार मांग की जा रही थी और तो और एसोसिएशन ने आंदोलन तक की धमकी दे डाली थी। वहीं कोरोनावायरस के चलते बंद पड़े कॉलेजों को खोलने के लिए भी प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन ने सरकार के आगे मांग रखी है, जिसके मद्देनजर 1 जनवरी से कॉलेज खोलने का निर्णय उचित शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है।

गौरतलब है कि एक प्राध्यापक को 50 बच्चों के लिए नियुक्त किया जाएगा। वहीं  आधी क्षमता के साथ ही हर क्लास में छात्रों को बैठाया जाएगा। कोरोनावायरस का पालन करते हुए सभी कक्षाएं लगाई जाएंगी और कॉलेजों में कोरोनावायरस से बचाव के सभी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।