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कई वर्षों से कर रहे थे साथ में व्यापार, बदल गई नीयत लगा दिया 18 करोड़ का चूना, पुलिस ने दर्ज किया मामला

Reported by:Dinesh Agarwal|Edited by:Atul Saxena
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दोनों के बीच लेनदेन बराबर चल रहा था लेकिन कुछ महीनों से नागपुर के व्यापारी की नीयत खराब हो गई और इसने अनाज के बदले दिए जाने वाला पैसा रोकना शुरू कर दिया और इन महीनों में उसकी रकम 18 करोड़ पहुंच गई।
कई वर्षों से कर रहे थे साथ में व्यापार, बदल गई नीयत लगा दिया 18 करोड़ का चूना, पुलिस ने दर्ज किया मामला

मध्य प्रदेश का दमोह से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, एक व्यापारी ने दूसरे व्यापारी को 18 करोड़ का चूना लगा दिया है, पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक दमोह के अनाज व्यापारी को महाराष्ट्र के नागपुर के एक गल्ला व्यापारी ने 18 करोड़ का चूना लगाया है और अब दमोह पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। दमोह के देहात थाना अंतर्गत ट्रेडिंग का काम करने वाले अनाज व्यापारी मनीष जैन ने पुलिस में लिखी शिकायत में बताया कि  नागपुर के एक व्यापारी से उसकी ट्रेडिंग का काम चलता है, कई सालों से मनीष अपना अनाज नागपुर के इस व्यापारी को भेजता है।

अपना ही पैसा मांगा तो व्यापारी को मिली धमकी  

मनीष जैन ने बताया कि दोनों के बीच लेनदेन बराबर चल रहा था लेकिन कुछ महीनों से नागपुर के व्यापारी की नीयत खराब हो गई और इसने अनाज के बदले दिए जाने वाला पैसा रोकना शुरू कर दिया और इन महीनों में उसकी रकम 18 करोड़ पहुंच गई , जब मनीष जैन ने पेमेंट मांगा तो उसे धमकाया गया।

पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ दर्ज किया मामला 

इतनी बड़ी रकम डूबने के डर से मनीष ने दमोह पुलिस का दरवाजा खटखटाया और शिकायत दर्ज कराई, एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि पुलिस ने तमाम दस्तावेजों की जांच पड़ताल के बाद पाया कि नागपुर का गल्ला व्यापारी मनीष को चूना लगा रहा है।  जांच के साथ अब दमोह के व्यापारी के पैसे वापस दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है, पुलिस की एक टीम को नागपुर भेजा गया है।

दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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