न्यूयॉर्क सिटी में मंगलवार, 25 नवंबर 2025 की रात भारतीय दर्शकों के लिए बेहद खास मानी जा रही थी। 53वें इंटरनेशनल Emmy अवॉर्ड्स (International Emmy Awards 2025) शुरू हो चुके थे और भारत की नज़रें सिर्फ एक फिल्म और एक नाम पर टिकी थीं, अमर सिंह चमकीला और दिलजीत दोसांझ।फिल्म को दुनिया भर में प्यार मिला था, और फैंस को पूरा भरोसा था कि यह ग्लोबल मंच पर जरूर जीत दर्ज करेगी।
लेकिन जब विजेता घोषित हुए तो भारतीय फैंस कुछ देर के लिए पूरी तरह सन्न रह गए। दिलजीत और फिल्म दोनों ही अपनी-अपनी कैटिगरी में अवॉर्ड जीतने में नाकाम रहे। यह खबर सोशल मीडिया पर तुरंत फैल गई और फैंस ने खुलकर अपनी नाराज़गी भी जताई।
बेस्ट एक्टर अवॉर्ड दिलजीत से छिनकर ओरिओल प्ला ले गए
दिलजीत दोसांझ को फिल्म में उनके रियलिस्टिक और बेहद इमोशनल अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर (Best Actor) कैटिगरी में नॉमिनेशन मिला था। चमकीला पर आधारित इस बायोग्राफिकल ड्रामा ने दिलजीत की छवि एक ग्लोबल आर्टिस्ट के तौर पर और मजबूत कर दी थी। लेकिन बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड गया स्पेनिश एक्टर ओरिओल प्ला को, उनकी फिल्म I, Addict के लिए।
ओरिओल प्ला ने फिल्म में एक ऐसे युवक का किरदार निभाया जो नशे और आत्म-संघर्ष से जूझ रहा है। उनके अभिनय को जूरी ने सबसे गहरा और प्रभावशाली परफॉर्मेंस बताया। दिलजीत के साथ इस कैटिगरी में डेविड मिशेल, डिएगो जेवियर वास्केज जैसे नाम भी शामिल थे, लेकिन आखिरकार जीत मिली प्ला को।
मिनी-सीरीज कैटिगरी में भी ‘अमर सिंह चमकीला’ खाली हाथ
इम्तियाज़ अली की यह फिल्म बेस्ट TV मूवी/मिनी सीरीज कैटिगरी में भी नॉमिनेट हुई थी। नेटफ्लिक्स पर यह फिल्म लंबे समय तक ग्लोबली ट्रेंड करती रही थी। भारत, कनाडा और यूके में इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। लेकिन इस कैटिगरी की ट्रॉफी गई Lost Boys and Fairies के नाम। यह ब्रिटिश ड्रामा LGBTQ+ कम्युनिटी की इमोशनल जर्नी पर आधारित है, और जूरी ने इसे दिल को छू लेने वाला और सामाजिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण कंटेंट बताया।
चमकीला से इतनी उम्मीदें क्यों थीं?
अमर सिंह चमकीला भारतीय संगीत इतिहास का बड़ा अध्याय हैं। उनके जीवन, गानों और उनकी रहस्यमयी मौत ने हमेशा दर्शकों को आकर्षित किया है। फिल्म में दिलजीत ने इस किरदार को जिस ईमानदारी और गहराई से निभाया, वह दर्शकों के दिल में सीधा उतर गया। उनकी स्टेज बॉडी लैंग्वेज, बोलने का अंदाज़, गानों का प्रस्तुतिकरण सब कुछ बिल्कुल असली चमकीला जैसा लगा। यही वजह थी कि दुनिया भर के क्रिटिक्स ने इसे एक म्यूजिकल मास्टरपीस कहा। यही कारण था कि भारतीय फैंस को लगा था कि इस बार Emmy अवॉर्ड्स में भारत की जीत तय है।
क्या जूरी ने भारतीय कंटेंट के साथ नाइंसाफी की?
अवॉर्ड नतीजों के बाद ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर कई फैंस अपनी नाराज़गी जाहिर करते दिखे। कई लोगों को लगा कि दिलजीत दोसांझ का अभिनय इस साल के सबसे मजबूत परफॉर्मेंस में से एक था। कनाडा, यूके और भारत में पंजाबी कम्युनिटी के अकाउंट्स ने जमकर पोस्ट किए जैसे दिलजीत इससे ज्यादा क्या कर सकते थे? चमकीला का ग्लोबल इम्पैक्ट नजरअंदाज़ किया गया। हालाँकि इंटरनेशनल अवॉर्ड्स में हमेशा विवाद होता रहा है कि लोकल मुद्दों या खास संस्कृति से जुड़ी कहानियाँ कभी-कभी ग्लोबल जूरी को उतनी प्रभावशाली नहीं लगतीं। कई लोगों का यह भी मानना है कि Lost Boys and Fairies और I, Addict की थीम ज्यादा यूनिवर्सल थी, इसलिए उन्हें प्राथमिकता मिली।
अमर सिंह चमकीला और दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म पहले ही इतिहास रच चुकी है, चाहे वह ओटीटी व्यूअरशिप हो या फैंस का प्यार। अवॉर्ड न मिलने का मतलब यह नहीं कि फिल्म का प्रभाव कम हो गया। भारत में यह फिल्म आज भी सबसे चर्चित बायोग्राफियों में गिनी जाती है, और दिलजीत का यह परफॉर्मेंस उनके करियर का माइलस्टोन माना जाएगा





