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Sat, Dec 13, 2025

करीना कपूर ने नेपोटिज्म पर बोली ये बात, कहा नाम काम दिला सकता पर करियर नहीं बना सकता

Written by:Bhawna Choubey
करीना कपूर ने एक इंटरव्यू में नेपोटिज्म पर बेबाकी से अपनी राय रखी। बोलीं सरनेम सिर्फ दरवाजे खोल सकता है, लेकिन इंडस्ट्री में टिकना सिर्फ टैलेंट से ही संभव है।
करीना कपूर ने नेपोटिज्म पर बोली ये बात, कहा नाम काम दिला सकता पर करियर नहीं बना सकता

बॉलीवुड में नेपोटिज्म का मुद्दा जब-जब उठता है, सोशल मीडिया और फैन्स अपनी-अपनी राय रखने लगते हैं। लेकिन इस बार खुद इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस करीना कपूर (Kareena Kapoor) खान ने इस विषय पर एक बेहद साफ, ईमानदार और गहरी बात कही है। उनके शब्दों में न सिर्फ अनुभव झलकता है, बल्कि एक ऐसी सचाई भी है जिसे हर नए अभिनेता को समझने की जरूरत है।

करीना कपूर, जो दो दशकों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का अहम चेहरा हैं, मानती हैं कि हां स्टार किड होने से कुछ दरवाजे जरूर खुलते हैं। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि करियर बनाने की असली लड़ाई हर अभिनेता को खुद लड़नी पड़ती है। हाल ही में We The Women कार्यक्रम में शामिल हुई करीना ने जो बातें कहीं, उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्टारडम से ज्यादा मायने रखता है टैलेंट, मेहनत और लोगों का प्यार।

नेपोटिज्म पर करीना कपूर की बेबाकी

करीना कपूर ने इंटरव्यू में सबसे पहले यह स्वीकार किया कि कपूर खानदान में जन्म लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इससे उन्हें फिल्म इंडस्ट्री को समझने का मौका मिला, लोग उन्हें जानते थे और शुरुआती फिल्में हासिल करने में रास्ता थोड़ा आसान रहा।

लेकिन इसके बाद उन्होंने जो कहा, वही इस चर्चा की असली मजबूती बन गया। उन्होंने कहा नेपोटिज्म से आप डेब्यू तो कर सकते हो, लेकिन करियर नहीं बना सकते। करियर टैलेंट, कड़ी मेहनत और लगातार मिलने वाले प्यार से ही बनता है। सरनेम आपको स्टार नहीं बनाता ऑडियंस बनाती है।

कपूर फैमिली के नाम का फायदा और बोझ

करीना ने यह भी कहा कि कपूर खानदान जैसी फिल्मी विरासत में जन्म लेना एक सम्मान है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि दर्शक स्टार किड्स से हमेशा अपेक्षा रखते हैं कि वे बेहतरीन प्रदर्शन करें। ऐसे में अगर उनका काम लोगों को पसंद नहीं आए, तो आलोचना भी उतनी ही बड़ी होती है।

करीना ने स्वीकार किया कि शुरुआती मौके उन्हें आसानी से मिले लेकिन 20 साल तक टिके रहना सिर्फ उनके नाम से नहीं हुआ लगातार खुद को बेहतर बनाना ही उनकी सबसे बड़ी कुंजी रही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी फिल्में भी फ्लॉप हुई हैं, उनके साथ भी आलोचना हुई है। लेकिन काम की निरंतरता और खुद पर विश्वास ने उन्हें यहां तक पहुंचाया।

आदर जैन का बयान– “करीना और रणबीर का कजिन होने से कुछ नहीं मिलता”

करीना कपूर के कजिन और अभिनेता आदर जैन ने भी हाल में एक इंटरव्यू में नेपोटिज्म पर खुलकर बात की थी। आदर ने कहा लोग सोचते हैं कि नेपोटिज्म से 50 फिल्में मिल जाती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। मैं रणबीर और करीना का कजिन हूं, इससे मुझे ना तो ब्रांड डील्स मिली हैं, ना ही फिल्मों के ऑफर्स की लाइन लगती है। उन्होंने खुद को नेपोटिज्म का प्रोडक्ट मानने से भी इंकार किया। आदर के अनुसार इंडस्ट्री में कोई भी स्टार किड हो या आउटसाइडर सबको अपने दम पर ही दिखाना पड़ता है कि वे क्या कर सकते हैं।

करीना कपूर का वर्कफ्रंट

करीना कपूर की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है जितनी उनकी पहली फिल्म के समय थी। फैन्स उन्हें हर दिन मुंबई में स्पॉट करते हैं और उनकी हर पोस्ट सोशल मीडिया पर छा जाती है। काम के मोर्चे पर, करीना को पिछले बार रोहित शेट्टी की कॉप यूनिवर्स फिल्म ‘सिंघम रिटर्न्स’ में अवनि कामत के किरदार में देखा गया था। यह फिल्म 2024 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कारोबार किया।

इसके अलावा करीना कई नई फिल्मों की तैयारी में हैं, नेटफ्लिक्स के लिए एक बड़ी क्राइम-ड्रामा सीरीज़, एक रियल-लाइफ थ्रिलर फिल्म करन जौहर के प्रोडक्शन की एक फैमिली ड्रामा, करीना की स्क्रीन प्रेज़ेंस और फैन फॉलोइंग आज भी उतनी ही दमदार है। यही वजह है कि उनके हर प्रोजेक्ट का फैन्स बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।