Hindi News

Kailash kher का जन्मदिन आज, संगीत के लिए 14 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
Kailash kher का जन्मदिन आज, संगीत के लिए 14 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर

मुंबई, डेस्क रिपोर्ट। रूहानी आवाज़ के शाहकार कैलाश खेर (Kailash Kher) का आज जन्मदिन है। आज वे 49 साल के हो गए हैं। लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल करने वाले कैलाश खेर हर उस शख्स के लिए प्रेरणा हैं जो जीवन में अपने सपनों को पाने की ख्वाहिश रखता है।

कैलाश खेर का जन्म 7 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के मेरठ हुआ था। उनके गाए गीतों में एक रूह होती है, आवाज़ का खुरदुरापन और अंदाज़ उन्हें दुनिया से जुदा बनाता है। सूफी गायकी को बॉलीवुड में फिर से स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका है। उनकी आवाज़ में सूफी गायकी किसी और ही दुनिया में ले जाती है। उन्होने 4 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था और आगे जाकर वो इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते थे। लेकिन जब घरवालों ने साथ नहीं दिया तो 14 साल की किशोर उम्र में कैलाश खेर ने घर छोड़ दिया। इसके बाद संघर्ष का लंबा दौर चला। उन्होने संगीत सीखा भी और जीवन जलाने के लिए सिखाया भी। दिल्ली में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होने साल 2001 में मुंबई का रूख किया। यहां वो शुरू में काफी भटके। पहली बार उन्हें गाने का मौका एक जिंगल में मिला। इस जिंगल ने उनकी आाज को एक पहचान दी और उनके पास जिंगल गाने का काम आने लगा। धीरे धीरे बॉलीवुड का दरवाजा खुला और ‘रब्बा इश्क न होवे’ गीत ने उनकी किस्मत बदल दी। इसके बाद तो फिर ‘अल्लाह के बंदे’  ‘सैंया’ ‘तेरी दीवानी’ जैसे गीतों की लाइन लग गई और फिर उन्होने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज कैलाश खेर देश दुनिया में जाने जाते हैं और जन्मदिन पर उनके चाहने वाले उन्हें ढेर सारा प्यार भेज रहे हैं।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews