मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे 19 विपक्षी दल, सोनिया की बैठक में बनी रणनीति

सोनिया गांधी ने कहा कि हमें ऐसी सरकार के लिए योजना बनाकर काम करना होगा जो आजादी के आंदोलन के मूल्यों में विश्वास करती हो।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  लोकसभा चुनाव (Lok sabha Election 2024) में हालाँकि अभी बहुत समय है लेकिन विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को घेरने की तैयारी जोरशोर से शुरू कर दी है। विपक्षी दलों ने बड़े नेता एक दूसरे से मेल मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और उनकी सरकार (Modi Government) को घेरने की पुख्ता रणनीति बना रहे हैं।  अब सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने 19 विपक्षी दलों से वर्चुअल मीटिंग कर मोदी सरकार को घेरने के लिए प्लानिंग की है।  सोनिया की बैठक में तय हुआ कि 20 सितम्बर से 30 सितम्बर तक एक महीने सभी विपक्षी दल एक साथ मिलकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को 19 विपक्षी दलों के साथ वर्चुअली मीटिंग की। बैठक का मकसद भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार को घेरना।  देश की विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर संयुक्त रूप से लोकसभा चुनाव 2024 में टक्कर रणनीति पर विचार कर रही हैं।

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सोनिया गाँधी द्वारा बुलाई गई वर्चुअल बैठक में कांग्रेस की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शामिल हुए इसके अलावा वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला , झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित, वरिष्ठ नेता ,शरद पवार, सीताराम येचुरी, शरद यादव आदि शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक बैठक में आम आदमी पार्टी और बीएसपी को न्योता नहीं था जबकि सपा शामिल नहीं हुई।

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बैठक में एक राय होकर सभी ने 2024 लोकसभा चुनाव को अपना लक्ष्य बताया और इसके लिए एकजुट रहने पर बल दिया। सोनिया गांधी ने कहा कि हमें ऐसी सरकार के लिए योजना बनाकर काम करना होगा जो आजादी के आंदोलन के मूल्यों में विश्वास करती हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनहित और देशहित के मुद्दों पर संसद में बात नहीं करती हमें संसद में विपक्षी एकता पर भरोसा है लेकिन अब संसद के बाहर सड़क पर बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करना तय हुआ और फिर संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि 20 सितम्बर से 30 सितम्बर तक पूरे देश में सभी 19 दल एकजुट होकर मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

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