अजब गजब: CM की कॉन्फ्रेंस और जबलपुर पुलिस का हेल्पलाइन नंबर!

MP collector commissioner conference: जिसमें सभी जिले के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी मौजूद रहेंगे तो जाहिर सी बात है कि मुख्यमंत्री जी के सामने कुछ तो बताना है कि हमने क्या कार्रवाई की।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) की कलेक्टर कमिश्नर कांफ्रेंस (collector commissioner conference) के ठीक एक दिन पहले जबलपुर (Jabalpur) के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा (SP Siddhartha Bahuguna) ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसमें भूमाफिया, सूदखोर व चिटफंड कंपनियों की शिकायत की जा सकेगी। हैरत की बात यह है कि जबलपुर पुलिस के पास अकेले सहारा कंपनी के पीड़ित निवेशकों के हजारों आवेदन पेंडिंग है।

जबलपुर के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हेल्पलाइन नंबर 75876 32800 जारी किया है। बताया गया है कि इस नंबर पर भूमाफिया, सूदखोर और चिटफंड कंपनियों से संबंधित शिकायतें लोग दर्ज करा सकते हैं और इसके साथ सुझाव भी दे सकते हैं।

अब हैरत की बात यह है कि अकेले जबलपुर जिले में लाखों निवेशकों का लगभग 700 करोड रुपए सहारा की विभिन्न कोऑपरेटिव सोसाइटी में फसा पड़ा है और इसके लिए आवेदक लगातार पुलिस को शिकायत करते रहे हैं लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने 22 सितंबर को सैकड़ों एजेंटों के साथ प्रदर्शन रैली निकाली थी और एसपी ऑफिस का घेराव कर ज्ञापन भी सौंपा था।

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यानी पूरे मामले की लीड कांग्रेस पार्टी ने ले ली थी। अब उससे भी बड़ी हैरत की बात देखिए कि बजाए कंपनी पर कार्रवाई करने की पुलिस ने मध्यस्थता करते हुए सहारा इंडिया कंपनी के अधिकारियों और कांग्रेस के पदाधिकारियों को साथ बिठा दिया जिसमें यह आश्वासन दिया गया कि जल्द कंपनी पैसा वापस करेगी, यानी कांग्रेस की जय जयकार हो गई और वह भी पुलिस के सहारे। लेकिन पैसे न मिलने थे ना मिले।

अब सोमवार को मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने जा रहे हैं। जिसमें सभी जिले के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी मौजूद रहेंगे तो जाहिर सी बात है कि मुख्यमंत्री जी के सामने कुछ तो बताना है कि हमने क्या कार्रवाई की। लीजिए साहब, आनन-फानन में हेल्पलाइन नंबर जारी हो गया। शिकायत कीजिए। सुनना न सुनना हमारे हाथ में है। लेकिन सवाल यही है कि जब मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि किसी भी चिटफंड के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए तो फिर आखिर जबलपुर की पुलिस के मौन की वजह क्या!