त्यौहारों से पहले MP को पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात, बोले-प्रदेश में विकास करने की ललक

पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जिस तेजी से काम कर रहा है, उसके कारण प्रदेश में सभी ग्रामीणों को उनका अधिकार अभिलेख शीघ्र मिल जायेगा।

पीएम मोदी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  देश के पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज 6 अक्टूबर को स्वामित्व योजना के तहत मध्यप्रदेश के 19 जिलों के 3000 ग्रामों में एक लाख 71 हजार हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया। इस मौके पर पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि एमपी गजब तो है ही, इसमें विकास करने की ललक भी है। केंद्र सरकार की कोई योजना बनते ही उसे जमीन पर उतारने के लिए मध्यप्रदेश में दिनरात में एक कर दिया जाता है, यह देखकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता होती है।स्वामित्व योजना के हितग्राही Digi Locker App के माध्यम से अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जिस तेजी से काम कर रहा है, उसके कारण प्रदेश में सभी ग्रामीणों को उनका अधिकार अभिलेख शीघ्र मिल जायेगा।यह कहा जाता है कि जिस देश के नागरिक के पास उसकी प्रॉपर्टी के कागज नहीं होते हैं, उसकी वित्तीय क्षमता बहुत कम होती है।अत: पीएम स्वामित्व योजना हमारे गांव के भाई-बहनों की बहुत बड़ी ताकत बनने जा रही है। मध्यप्रदेश डिजिटलाइजेशन (Madhya Pradesh Digitalization)में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर रिकॉर्ड के रखरखाव में भी मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे लोगों की सेवा करते हुए 20 साल पूरे हो रहे हैं। मैं जब पहली बार मुख्यमंत्री बना तो उसके बाद पहला कार्यक्रम गरीब कल्याण मेला था।आज 20वें वर्ष के आखरी दिन भी मैं गरीबों के लिए आयोजित कार्यक्रम में जुड़ा हूं।देश के गांवों को, गांवों की प्रॉपर्टी को, ज़मीन और घर से जुड़े रिकॉर्ड्स को अनिश्चितता और अविश्वास से निकालना बहुत ज़रूरी है।इसलिए पीएम स्वामित्व योजना, गांव के हमारे भाइयों और बहनों की बहुत बड़ी ताकत बनने जा रही है।

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बता दे कि स्वामित्व योजना को जिन 9 राज्यों में पायलेट आधार पर लागू किया गया है, उनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना (Madhya Pradesh Ownership Scheme) का क्रियान्वयन तीन चरणों में 10-10 जिलों को शामिल कर क्रमबद्ध रूप से प्रारंभ किया गया हैं। स्वामित्व योजना में सर्वे ऑफ इंडिया की सहायता से ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन के माध्यम से नक्शे का निर्माण तथा डोर-टॅ-डोर सर्वे कर अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक मध्यप्रदेश के 42 जिलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिसमें 24 ड्रोन 24 जिलों में कार्य रह रहे हैं। इनमें से 6500 ग्रामों में ड्रोन कार्य पूर्ण कर चुके हैं।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में हितग्राहियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने के लिए सर्वे के नियमों का वर्तमान आवश्यकता के अनुसार सरलीकरण किया गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को विधिक दस्तावेज का दर्जा देना, सर्वे को समय-सीमा में पूर्ण करना, अभिलेखों को पारदर्शिता के साथ तैयार करना, सर्वे प्रक्रिया को ऑन लाइन करना और एप्प के माध्यम से सर्वेक्षक मौके पर धारक का नाम जोड़ना आदि हैं। इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और अन्य राज्यों ने इसे अपने यहाँ लागू करने के लिए प्रक्रिया का अवलोकन भी किया है।

स्वामित्व योजना से लाभ

  • ग्राम की आबादी भूमि में अपना मकान बनाकर रहने वाले ग्रामवासियों को अपने घर
  • का मालिकाना हक मिल सकेगा।
  • आबादी भूमि के कागजात मिल जाने से कानून का सहारा मिलने लगेगा।
  • मनमर्जी से घर बनाने और अतिक्रमण की समस्या से निजात मिलेगी।
  • सम्पत्ति का रिकार्ड हो जाने से बैंक लोन लिया जा सकेगा।
  • भूमि संबंधी विवाद भी खत्म होंगे।
  • जमीन एवं भवन के नामांतरण एवं बंटवारे आसानी से हो सकेंगे।
  • सरकारी भवन भी योजनाबद्ध तरीके से निर्मित किये जा सकेंगे।
  • गाँव में आबादी की भूमि को लेकर भ्रम की स्थिति खत्म होगी।