शासकीय योजनाओं में 7 जिलों का बेहतर प्रदर्शन, आमजन-किसानों को मिलेगा लाभ, पिछड़े जिलों को CM के निर्देश

इस अभियान का पहला चरण 2 जून 2022 जबकि दूसरा मार्च 2023 तक आयोजित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के कई योजनाओं (Government schemes) में छोटे जिले तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दरअसल कई जिलों में गर्मी शुरू होते ही जल संकट की समस्या शुरू हो गई है। हालांकि इसके बाद भी कुछ जिले ऐसे हैं। जिन्होंने राज्य शासन के शासकीय योजनाओं में बेहतरीन सफलता हासिल की है। हालांकि 12 जिले ऐसे है, जिनका प्रदर्शन अभी संतोषजनक नहीं है। दरअसल राज्य शासन द्वारा हर जिले को स्वच्छ जल संरक्षण संरचनाओं को अमृत सरोवर योजना में चयनित करने का लक्ष्य दिया गया। हालांकि इसमें कई जिले ऐसे हैं। जिन्होंने बेहतरीन काम किया। इस मामले में मुरैना और जबलपुर अव्वल है।

दरअसल अमृत सरोवर योजना के तहत सभी जिलों को जल संरक्षण के लिए जल संरक्षण संरचनाओं को चिन्हित करने का कार्य किया गया। हालांकि दो दर्जन जिले है, जिन्होंने अब तक लक्ष्य हासिल नहीं किया है वही रायसेन जिले से सीएम शिवराज जलाभिषेक अभियान की शुरुआत कर चुके हैं। इस योजना के तहत सरकार सिंचाई, मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन सहित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देगी। इसीलिए सभी जिला कलेक्टरों को 237 कार्य चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इसमें मुरैना और जबलपुर जिलों ने बेहतरीन काम किया है।

इन संरचनाओं से ग्रामीण को जोड़कर जल उपयोगकर्ता समूह का गठन किया जाना है। साथ ही अमृत सरोवर के तहत 5147 कार्य चिन्हित किए जा चुके हैं। कुछ ऐसे जिले हैं जो इस कार्य में लगातार पीछे चल रहे हैं। हालांकि लक्ष्य की पूर्ति नहीं करने पर सीएम शिवराज ने जिलों को प्राथमिकता से इस कार्य को करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि इस अभियान का पहला चरण 2 जून 2022 जबकि दूसरा मार्च 2023 तक आयोजित किया जाएगा।

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इस योजना के तहत स्टॉप डैम के ताला पौधारोपण सहित अन्य कार्य को पूरा किया जाएगा। साथ ही यह काम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं के माध्यम से कराए जाने की वजह से इसके लिए बजट की भी दिक्कत नहीं आ रही है। स्टॉप डैम, डैम, पौधारोपण सहित अन्य कार्य को इस योजना के तहत पूरा किया जाएगा। हालांकि इस योजना में राजधानी सहित इंदौर और ग्वालियर भी पीछे चल रहे हैं।

आंकड़ों की माने अभियान के कार्य तेजी करने में शिवपुरी 18901, सहित छतरपुर 15197, अनूपपुर 8184, बुरहानपुर और श्योपुर जिले आगे हैं। जबकि हरदा 56, शहडोल 76, इंदौर 45, सतना 78, बड़वानी 90, भोपाल 45, ग्वालियर 8193, आगर मालवा 71, दमोह 8393 , मंदसौर 75, उमरिया 84 और देवास 94 सहित उज्जैन 72 और रतलाम में 85 जगह चिन्हित की गई है।