CM ने इंजीनियरों से मांगी रिपोर्ट, गांवों में पदस्थ होंगे तकनीकी जानकार, कांट्रेक्टर करेंगे ऑनलाइन अप्लाई

सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने निर्देश दिए है कि  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंता नियमित दौरे करें, रिपोर्ट भी दें।

सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने निर्देश दिए है कि  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंता नियमित दौरे करें, रिपोर्ट भी दें। पूर्ण योजनाओं का विधिवत लोकार्पण हो, आमजन को जानकारी मिले।जागरूकता भी बढ़ेगी। बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के कार्य समय पर पूरा करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाए । क्रियान्वयन में देर के लिए दोषी दण्डित होंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE Department) द्वारा ग्रामों में पूर्ण पेयजल योजना पंचायत को विधिवत सौंपी जाए।वही वृहद परियोजना के कार्यों में समय पर कार्यों की पूर्णता के लिए संबंधित एजेंसी और अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की शहरी और ग्रामीण आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए निर्मित रोडमैप में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रदेश में समस्त नलजल योजनाओं के कार्य सम्पन्न हों।  योजनाओं के बेहतर संधारण के लिए ग्राम इंजीनियर पदस्थ किए जाएँ।विलंब से होने वाले कार्यों पर जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। नलजल योजनाओं का कार्य पूर्ण होने पर ग्रामों में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर ग्राम को “हर घर जल” श्रेणी का ग्राम घोषित किया जाएगा।

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सीएम शिवराज चौहान ने कहा कि  योजना के निर्माण कार्य पूरे होने पर संबंधित पंचायत को योजना हस्तांतरित की जाएगी। ग्राम जल और स्वच्छता समिति के पदाधिकारी ग्रामवासियों से जन-संवाद भी करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी को ऐसी महत्वाकांक्षी और उपयोगी योजना लागू करने के लिए ग्रामवासियों द्वारा आभार-पत्र भी भेजे जायेंगे। ऐसे स्थान जहाँ जल स्रोत सफल नहीं हैं, वहाँ पाइप लाइन स्थापित करना अनियमितता है। ऐसे प्रकरणों में दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। विभाग के अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में नियमित भ्रमण भी करें। योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत् समीक्षा की जाए।

ग्राम स्तर पर पदस्थ हों तकनीकी जानकार

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि ग्राम स्तर पर ऐसे ग्रामीण इंजीनियर को तैनात किया जाए जो विद्युत कनेक्शन, पेयजल प्रदाय व्यवस्था, सिंचाई पम्पों से संबंधित प्रबंध, आवास निर्माण के तकनीकी पहलुओं आदि की जानकारी रखता हो। पम्प और वाल्व ऑपरेटर का प्रशिक्षण कुछ ही दिनों में दिया जा सकता है। रोजगार विहीन युवाओं को इन कार्यों के लिए 3-6 माह के छोटे प्रशिक्षण कोर्स का लाभ दिलवाकर ग्रामों में पेयजल प्रदाय योजना और अन्य योजनाओं में मेन्टेनेंस का दायित्व सौंपा जाए। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में इस क्षेत्र में एक मॉडल तैयार कर उसके क्रियान्वयन की पहल हो। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development Department) नोडल विभाग की भूमिका का निर्वहन करे। बड़े ग्रामों में एक से अधिक युवक भी यह जिम्मेदारी वहन कर सकते हैं।

2024 तक 122 लाख ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मलय श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन में बताया कि वर्ष 2024 तक प्रदेश के सभी लगभग 122 लाख ग्रामीण परिवारों तक पेयजल उपलब्धता के लक्ष्य के मुकाबले गत दिसम्बर तक 45 लाख 10 हजार लाख परिवारों तक पेयजल उपलब्ध करवाया जा चुका है। अगले 3 माह में 52 लाख 62 हजार लाख परिवारों तक पेयजल उपलब्ध होगा। नल और बिजली से जुड़े मरम्मत कार्यों के लिए 50 हजार मैकेनिक आगामी तीन वर्ष में प्रशिक्षित करने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास और रोजगार निर्माण बोर्ड के माध्यम से प्रशिक्षण RTI और अन्य संस्थाएँ प्रारंभ कर चुकी हैं। जल जीवन मिशन में ग्राम और FHTC  कार्य-योजना में 25 हजार 399 ग्रामों की समूह नल जल योजना में 9 हजार 351 कार्य प्रगति पर हैं। कुल 26 हजार 186 ग्रामों की एकल ग्राम नल जल योजना में 8 हजार 176 कार्य प्रगति पर हैं।

कांट्रेक्टर करेगा ऑनलाइन आवेदन

यह व्यवस्था भी की गई है कि योजना के क्रियान्वयन के लिए सड़क खुदाई की अनुमति के लिए कांट्रेक्टर जल निगम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेगा। यह अनुमति अलाइनमेंट परीक्षण के बाद प्रदान की जायेगी और उसके बाद ही कांट्रेक्टर रोड कटर का उपयोग करेगा। पाइप लाइन डालने के बाद कांट्रेक्टर द्वारा सड़क की आवश्यक मरम्मत करवाई जायेगी। सड़क को पूर्वास्था में लाने के लिए योजना की डीपीआर में प्रावधानित राशि का भुगतान किया जाएगा।