युवाओं के लिए खुलें स्व-रोजगार के साधन, सीएम शिवराज के अधिकारियों को सख्त निर्देश- तत्परता से पूरा हो कार्य, हितग्राहियों को मिले लाभ

इस योजना में पहले औसतन 7 लाख 14 हजार उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़ कर 7 लाख 30 हजार से अधिक हो गई है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) ने राशन वितरण योजना (ration distribution) को और पुख्ता बनाए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही योजना के तहत युवाओं को मिल रहे स्वरोजगार (youth self-employment) व्यवस्था की समीक्षा की है। दरअसल सीएम शिवराज मुख्यमंत्री राशन-आपके ग्राम योजना की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को राशन पहुंचाने के कार्य की लगातार समीक्षा की जाए। हितग्राहियों की बढ़ती संख्या और खाद्यान्न सामग्री के उठाव में हुई बढ़ोतरी पर उन्होंने खुशी जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों में लोगों को राशन पहुँचाने के कार्य की लगातार समीक्षा की जाए। जनजातीय विभाग के युवाओं को इस कार्य से लाभ मिलेगा। उनके स्वरोजगार के नवीन साधन खुलेंगे। सीएम शिवराज ने कहा कि स्वरोजगार से जहां युवाओं को लाभ मिला है। वही ग्राम वासियों को समय पर खाद्यान्न मिलना भी सुनिश्चित किया गया है। साढ़े सात लाख लोगों को खाद्यान्न पहुंचाने वाले इस योजना के मूल्यांकन की आवश्यकता और इसे और अधिक प्रभावी बनाए जाने की तैयारी की जाए। बैठक में बताया गया कि सीएम शिवराज द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार योजना की मॉनीटरिंग की जा रही है और राज्य स्तर पर नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था का पालन करते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है।

Read More : MP : महिलाओं-स्व सहायता समूह को सीएम शिवराज देंगे बड़ा तोहफा, मिलेगा 200 करोड़ रुपए का लाभ, बैंक ऋण करेंगे वितरित

प्रस्ताव में राज्य स्तर पर एक कंट्रोल कमांड सिस्टम (control command system) स्थापित करने, युवाओं द्वारा सामग्री वितरण के लिए उपयोग में ला रहे वाहनों में जीपीएस सिस्टम (GPS System) लगाने, पीओएस मशीनों (POS Machine) को 4जी मोड में लाकर निर्धारित स्थान में सामग्री वितरण की मॉनीटरिंग और योजना के अध्ययन के लिए दायित्व दिए जाने के कार्य शामिल हैं। वर्तमान में विभिन्न स्तर पर जन-प्रतिनिधियों द्वारा योजना के अमल पर नजर रखी जा रही है। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप योजना को निरंतर प्रभावी बनाने के प्रयास भी किए गए हैं।

जानकारी दी गई कि यह योजना लागू होने के पूर्व जहाँ औसतन एक लाख 73 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न का उठाव हो रहा था, जो अब बढ़ कर एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन से भी अधिक हो गया है। इसी तरह उपभोक्ता संख्या में भी वृद्धि हुई है। इस योजना में पहले औसतन 7 लाख 14 हजार उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़ कर 7 लाख 30 हजार से अधिक हो गई है। विभिन्न जिलों में वृद्धि 3 से लेकर 10 प्रतिशत तक हुई है।

सरकार द्वारा द्वारा प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों तक 223 प्रदाय केन्द्रों से खाद्यान्न प्रदाय का कार्य करने की शुरूआत “मुख्यमंत्री राशन-आपके ग्राम” योजना से की गई। 26 हजार से अधिक उचित मूल्य दुकान तक सामग्री पहुँचाई जाती है, जो उपभोक्ताओं को अब अधिक आसानी से मिल जाती है। उपभोक्ताओं को खाद्यान्न देने का दिन निर्धारित कर यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के 20 जिलों के 89 जनजातीय बहुल विकासखंड के ग्रामवासी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। बता दें कि यह योजना लागू होने से पूर्व जनजातीय क्षेत्र के लोगों को दूसरे ग्राम तक राशन लेने जाना पड़ता था।