कर्मचारी-शिक्षकों को जल्द मिलेगा पुरानी पेंशन योजना का लाभ! केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान, इन्हें होगी पात्रता

प्रदेश के 45000 परिषदीय शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना के द्वार खुल जाएंगे।

लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। पुरानी पेंशन योजना (Old Pension scheme) पर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। दरअसल पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कई राज्यों में उठ रही है। कुछ राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया है जबकि कुछ राज्य जल्द ही पुरानी पेंशन योजना के लागू करने की तैयारी में है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री (Central minister) किरेन रिजिजू (Kiren rijiju) के बयान से 45 हजार से अधिक प्राइमरी शिक्षकों (Primary teacher) की पुरानी पेंशन योजना की उम्मीद एक बार फिर से जगी है।

दरअसल नई पेंशन योजना लागू होने से पहले 1 जनवरी 2004 के बाद चयनित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की तैयारी केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है। वहीं यदि ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश के 45000 परिषदीय शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना के द्वार खुल जाएंगे।

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इस मामले में केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री किरेन रिजीजू ने संसद ने एक प्रश्न का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2004 से पूर्व विज्ञापित पदों पर चयनित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का आदेश जारी करने में किसी भी तरह की कानूनी बाधा नहीं है और यह प्रक्रिया में है। किरेन रिजीजू के इस बयान के बाद एक बार फिर से कर्मचारियों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की उम्मीद जग गई है। यदि ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश के 45000 प्राइमरी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है।

बता दे कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना को लागू किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2005 को नई पेंशन योजना लागू की गई थी। हालांकि इससे पहले 14 जनवरी 2004 को 45678 पदों के लिए विज्ञापित नोटिफिकेशन जारी किया गया था। हालांकि इनके लिए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र 2005 और 2006 में दिया गया। जिसके कारण उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सका।

बता दें कि इससे पहले यह मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। पुरानी पेंशन की बहाली पर कई तरह की दलील दी गई थी। हालांकि तब सफलता नहीं मिली थी अब एक बार फिर से केंद्र सरकार की ओर से आने वाले इस बयान के बाद शिक्षक आदेश जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।