लाखों पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर, इस तरह मिलेगा पेंशन भुगतान का लाभ, मिलेगी कई अन्य सुविधाएं

दरअसल ईपीएफओ ने पिछले वित्त वर्ष में करीब 13,000 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की थी।

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। पेंशनर्स (Pensioners) के लिए बेहद राहत भरी खबर है। दरअसल लाखों पेंशनर को अब केंद्र सरकार ने बड़ी सुविधा उपलब्ध कार्य जायेगा। इसके तहत पेंशन भोगियों को हर साल लगातार डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (digital life certificate) जमा करने के लिए पेंशन वितरण बैंक शाखा यह सामान्य सेवा केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के उपयोग के लिए शनिवार को एक नई व्यवस्था शुरू की गई है। रिटायरमेंट फंड बोर्ड, फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पेंशनभोगी कहीं से भी इस सर्टिफिकेट को पेश कर सकेंगे।

बता दे कि ईपीएफओ (EPFO) जल्द ब्याज की राशि को पेंशन भोगियों के खाते में क्रेडिट कर सकता है। पेंशन भोगियों के खाते में 40000 तक की राशि क्रेडिट की जा सकती है। वहीँ नए नियम के तहत उन पेंशनभोगियों को काफी मदद मिलेगी, जिन्हें वृद्धावस्था या स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के कारण अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट या आईरिस) प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बता दें कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए बायोमेट्रिक्स जरूरी हैं।

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दरअसल ईपीएफओ ने पिछले वित्त वर्ष में करीब 13,000 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की थी। वहीँ अब विदेश में रहने वाले पेंशनभोगी भी नई प्रणाली में अपना डीएलसी जहां कहीं भी हैं, वहां से जमा कर सकते हैं। नई प्रणाली के तहत, पेंशनभोगी को बस एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन से एक विशेष ऐप खोलने की जरूरत है, अपनी एक फोटो लें और इसे अपलोड कर दें, जो साबित करेगा कि वह अभी भी जीवित है। वहीँ इस प्रक्रिया के तहत लाइफ सर्टिफिकेट के बाद पेंशन सुनिश्चित की जाएगी।

बता दें कि पेंशन व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितता को देखते हुए कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत सभी पेंशन भोगियों को पेंशन स्वीकृत होने के बारे में 12 महीने के अंदर जीवन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया था। नियम के तहत जिस बैंक के माध्यम से पेंशन कर्मियों को का भुगतान किया जाता है। उसी बैंक में पेंशन भोगियों का भौतिक जीवन प्रमाण पत्र जमा होता है। ऐसा नहीं करने की स्थिति में पेंशन को रोक दिया जाता था।

इधर सीबीटी की बैठक के बाद कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि डीएलसी के लिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के लॉन्च से उन पेंशनभोगियों को मदद मिलेगी, जिन्हें बुढ़ापे के कारण अपने बायोमेट्रिक्स कैप्चर करने में कठिनाई होती है। वहीँ मंत्री ने कहा कि सीबीटी ने ईपीएफओ सेवाओं में और सुधार के लिए पेंशन के केंद्रीकृत वितरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी दी है।

साथ ही रोल आउट चरणों और तौर-तरीकों को और विकसित किया जाएगा।इस कार्यक्रम में पेंशन और कर्मचारी की जमा-लिंक्ड बीमा (ईडीएलआई) योजना कैलकुलेटर भी लॉन्च किया जो पेंशनभोगी और परिवार के सदस्यों को पेंशन और मृत्यु से जुड़े बीमा लाभ की गणना करने के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान करेगा।