PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी! EPFO ने लिया यह फैसला, कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

EPFO Employees: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या ईपीएफओ ने केंद्रीकृत आईटी-सक्षम सिस्टम के विकास को मंजूरी दे दी है

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। भविष्य निधि (PF) की राशि को मजदूर वर्ग के भविष्य के लिए सबसे बड़ा निवेश (investment) माना जा रहा है। अब, सेवा वर्ग के कर्मचारियों (Employees) के लिए एक अच्छी खबर में, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या EPFO बोर्ड ऑफ ट्रस्टी नौकरी बदलने पर पीएफ फंड के हस्तांतरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या ईपीएफओ ने केंद्रीकृत आईटी-सक्षम सिस्टम के विकास को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद कर्मचारियों को नौकरी बदलने पर अपना पीएफ फंड ट्रांसफर नहीं करवाना पड़ेगा।

दरअसल ईपीएफओ बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने शनिवार (20 नवंबर) को अपनी 229वीं बैठक में पीएफ खाते की एक केंद्रीकृत आईटी प्रणाली को मंजूरी दी, जिसके तहत कर्मचारियों को नौकरी बदलने पर अपने पीएफ फंड को स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं है। नौकरी बदलने पर पीएफ अकाउंट नंबर बरकरार रहेगा और कर्मचारी को पीएफ अकाउंट ट्रांसफर के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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क्या हैं मौजूदा नियम?

मौजूदा नियमों के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ धारक को पुराने और नए दोनों कार्यस्थलों पर कागजी कार्रवाई पूरी करनी होती है। इन सभी जटिल और समय लेने वाली प्रक्रियाओं के कारण, कई पीएफ धारक राशि को नए खाते में स्थानांतरित नहीं करते हैं।

नई कंपनी में पिछले UAN नंबर के आधार पर एक और पीएफ अकाउंट बनाया जाता है। यह पीएफ खाते में कुल राशि नहीं दिखाता है क्योंकि पीएफ धारक ने पिछली कंपनी की पीएफ राशि को स्थानांतरित नहीं किया है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग या सी-डैक द्वारा सिस्टम के विकास के बाद, एक कर्मचारी का पीएफ खाता नंबर वही रहेगा। यदि वे अपनी नौकरी बदलते हैं तो उन्हें खाता हस्तांतरण के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।

क्षेत्रीय कार्यकलाप एक केंद्रीय डेटाबेस पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। जिससे सुचारू संचालन और बेहतर सेवा वितरण संभव हो सकेगा। यह प्रणाली किसी भी सदस्य के सभी पीएफ खातों के डी-डुप्लीकेशन और विलय की सुविधा प्रदान करेगी।

केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में ईपीएफओ के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय, केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की 229 वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। सेवानिवृत्ति निधि प्रबंधक ने अपने सलाहकार निकाय वित्त निवेश और लेखा परीक्षा समिति (FIAC) को नए परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करने के लिए सशक्त बनाने का भी निर्णय लिया है।