IMD Alert : कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट, उत्तर मध्य में तेजी से बढ़ रहा तापमान, 8 राज्यों में 4 अप्रैल तक बारिश की संभावना

IMD ने 31 मार्च और 4 अप्रैल को असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। 

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। अभी अप्रैल महीने की शुरुआत होने वाली है। फिर भी मौसम में बदलाव (Weather Update) देखने को मिल रहा है। IMD Alert के मुताबिक कुछ राज्यों में अधिकतम तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सूरज का तापमान बढ़ने के साथ ही लू (heatwave) ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अपने सबसे हालिया बुलेटिन में, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों में उत्तर पश्चिमी भारत, मध्य भारत और पश्चिमी भारत में गर्मी की लहर की भविष्यवाणी की है। IMD ने 31 मार्च और 4 अप्रैल को पूर्वी-दक्षिणी राज्यों में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बारिश (rain) की संभावना जताई है।

साथ ही इन राज्यों में तापमान में वृद्धि होगी। IMD के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक लू चलेगी। इसके साथ ही, सौराष्ट्र और जम्मू संभाग के कच्छ क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में अगले दो दिनों में लू चलने का अनुमान है। पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और राजस्थान में अगले 4-5 दिनों तक लू जारी रहेगी। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि तापमान में भी इजाफा होगा।

IMD के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को दिन भर आसमान साफ ​​रहेगा और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। रविवार को जम्मू में 76 साल पुराने मार्च के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 37.3 डिग्री सेल्सियस का उच्च तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, पिछला उच्चतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस 31 मार्च, 1945 को दर्ज किया गया था।

वही आईएमडी ने कुछ राज्यों में तेज हवा के साथ लू चलने का अलर्ट जारी कर दिया है। तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। जम्मू कश्मीर में पिछले 72 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक राज्यों में तापमान 40 डिग्री के पास पहुंच गया है। मौसम विभाग की माने तो राजस्थान, मध्य प्रदेश व राजधानी दिल्ली के अलावा मौसम विभाग ने उड़ीसा और झारखंड के 30 मार्च और 1 अप्रैल को लू का हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

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इसके अलावा पश्चिम बंगाल सहित छत्तीसगढ़ और गुजरात के कुछ हिस्सों में 1 और 2 अप्रैल को लू का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा गुजरात के सौराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश मैं न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक रहने के आसार हैं।

जम्मू और हिमाचल प्रदेश में भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है कई क्षेत्र में लू का अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं इन दोनों प्रदेशों सहित उत्तराखंड में भी 2 अप्रैल तक गर्म हवा के थपेड़े जारी रहेंगे। लेह लद्दाख में मैं भी तापमान में एक से दो फीसद की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया वहीं आज तापमान में 1 फीसद की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

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हरियाणा में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री व अधिकतम तापमान 40 डिग्री वहीं राजधानी लखनऊ में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। गर्म हवा और लू की रफ्तार बढ़ती जा रही है। तापमान में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र में तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंबई में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की आशंका जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी सहित केरल, कर्नाटक और दक्षिणी राज्य में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु के साथ-साथ असम, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर में बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। यहां तक ​​कि देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी की लहर चल रही है, केरल में राज्य भर में अलग-अलग बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ रहे हैं। बारिश ने कई जगहों पर तापमान को कम करने में मदद की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च से मंगलवार तक राज्य में 51% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

छह जिलों एर्नाकुलम, कासरगोड, कोझीकोड, पलक्कड़, पठानमथिट्टा और वायनाड में इस अवधि के दौरान 50% से अधिक बारिश हुई है। आईएमडी ने कहा कि 2 अप्रैल तक केरल में एक या दो स्थानों पर बिजली के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। राज्य में मंगलवार को दर्ज 24 घंटे की बारिश के अनुसार, सियाल कोच्चि, कांजीरापल्ली और मुन्नार में प्रत्येक में 4 सेमी बारिश हुई, जबकि कोट्टायम और कुमारकोम में तीन-तीन सेंटीमीटर बारिश हुई।

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दूसरी ओर, हरियाणा, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक अत्यधिक गर्मी की स्थिति होने का अनुमान है। इन इलाकों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके ठीक विपरीत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले पांच दिनों तक पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश हो सकती है। IMD ने 31 मार्च और 4 अप्रैल को असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है।

बंगाल की खाड़ी ने 2017 में दो तूफान ‘फानी’ (2019) और ‘मरुथा’ की मेजबानी की है। ये तूफान अप्रैल के तीसरे सप्ताह या उसके बाद भी आए थे। 2010 से 2016, 2018, 2020 और 2021 तक भारतीय समुद्रों पर कोई तूफान नहीं बना है। अप्रैल में उष्णकटिबंधीय तूफान आमतौर पर बंगाल की खाड़ी के ऊपर आते हैं। ये सिस्टम शुरू में उत्तर और उत्तर-पश्चिम को ट्रैक करते हैं और बाद में म्यांमार और बांग्लादेश के लिए जाने के लिए उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ते हैं।

ऐसा ही एक ट्रैक अरब सागर के ऊपर भी दिखाई देता है, जहां फिर से आने के बाद, तूफान गुजरात-सिंध और मेकरान तट की ओर बढ़ जाता है। अभी तक, यह मौसम प्रणाली थाईलैंड की खाड़ी, तेनासेरिम हिल्स की रेंज और मार्ताबन की खाड़ी में यात्रा करते हुए अंडमान सागर में प्रवेश करेगी। अंडमान सागर में प्रवेश करने से पहले निम्न दबाव का क्षेत्र जमीन और जलाशयों से टकराएगा।