IMD Alert : ओडिशा, महाराष्ट्र सहित 17 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, पूर्वोत्तर राज्य में बदला मौसम, जानें बिहार-UP-दिल्ली सहित अन्य राज्यों का हाल

24 घंटे के अंदर एक डिप्रेशन केंद्र निर्मित हो रहा है। ऐसी स्थिति में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देशभर में मौसम (Weather update) एक बार फिर से करवट लेने की तैयारी में है। दरअसल IMD Alert ने बुधवार और गुरुवार को उड़ीसा छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण, गोवा, महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना जाहिर की गई है। इसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही उड़ीसा में वायुमंडलीय दबाव के कारण क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसका असर पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित बिहार के कई जिलों में देखने को मिलेगा।

उड़ीसा में उठे वायुमंडलीय दबाव के कारण अचानक से स्थिति बदल गई है। IMD के महानिदेशक के महापात्रा की मानें तो अगले दो से 3 दिनों में मध्य भारत सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दरअसल एक जवाब का क्षेत्र पश्चिम उत्तर पश्चिम की और मध्य भारत से गुजरात और कोकण क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है। जिससे महाराष्ट्र गुजरात राजस्थान मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

राजधानी दिल्ली में बूंदाबादी का कहर जारी रहेगा। पंजाब, हरियाणा में भी मौसम बदलने के आसार नजर आ रहे हैं। आसमान में बादल घिरे रहेंगे। काले बादल के आवागमन से कई क्षेत्रों में बौछार पड़ने की संभावना जताई गई है। इधर-उधर भारत में मौसम बदलने के साथ संकेत मिल रहे हैं। दरअसल उड़ीसा पर कम दबाव की प्रणाली के कारण अरब सागर से हवा तीव्र हो गई है। कोकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश और व्यापक गरज चमक की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, झारखंड में भी इसका भारी असर देखने को मिलेगा। वहीं बिहार और झारखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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IMD के अनुसार पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में जून में 50% अधिक वर्षा देखने को मिली थी। वही जुलाई महीने में 122 वर्षों में सबसे शुष्क मौसम रिकॉर्ड किया गया है पिछले दिनों सामान्य वर्षा से 45 देखने को मिली है। इससे पहले इधर के क्षेत्रों में जुलाई में सबसे कम वर्षा 1903 में देखने को मिली थी जब बरसात में 41.3 फीसद की कमी रिकॉर्ड की गई।मौसम विभाग के एक अधिकारी की मानें तो इन क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है। 2007 से क्षेत्रों में बहुत कम वर्षा देखने को मिलेगा।

वहीं पिछले 122 वर्षों में जुलाई सबसे शुष्क महीना घोषित किया गया है। अगस्त में बारिश की गतिविधि में सुधार होते नजर आ रहे हैं। सितंबर तक सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की गई है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के विपरीत दक्षिणी प्रायद्वीप क्षेत्रों में जुलाई महीने में 60 फीसद अधिक बारिश देखने को मिले। वहीं मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक बरसात लेकर आया है। मध्य भारत में सामान्य से 43 फीसद अधिक बरसात देखने को मिली है जबकि उत्तर पश्चिम भारत में भी 11 फीसद अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम ब्यूरो ने मध्य भारत के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जो ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र और गोवा तक फैला हुआ है और बुधवार को इस क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा एक मॉनसून ट्रफ, पाकिस्तान से पश्चिम बंगाल तक कम दबाव का क्षेत्र है, सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में स्थित है।

आईएमडी के चक्रवात विशेषज्ञ आनंद दास ने कहा कि मध्य भारत में तेज बारिश की उम्मीद कर सकते हैं, कम दबाव का क्षेत्र तेज हो गया है। उड़ीसा में कटक, बोलांगीर, बौध, झारसुगुड़ा, जाजपुर, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज, सुंदरगढ़ और सुबरनापुर को भी नारंगी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में 45-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

ज्ञात हो कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बने निम्न दबाव के कारण अत्यधिक वर्षा मध्य और पश्चिमी भारत में नजर आ रही है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र बने हुए हैं। जिससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का रिकॉर्ड कम देखने को मिल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया है कि दबाव का क्षेत्र भी बंगाल की उत्तर पश्चिमी खाड़ी और तटीय उड़ीसा के निकटवर्ती क्षेत्र सहित आंध्र प्रदेश और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर स्थित है। जिससे 24 घंटे के अंदर एक डिप्रेशन केंद्र निर्मित हो रहा है। ऐसी स्थिति में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।