IMD Alert : शनिवार से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 18 राज्यों में बारिश का अलर्ट, 4 राज्यों में हीटवेव की चेतावनी, मानसून पर बड़ी अपडेट

मौसम वैज्ञानिकों की माने तो एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर के प्रदेश क्षेत्र में प्रवेश करने वाला है। जिससे चक्रवाती हवाओं का असर दिखेगा।

IMD Alert

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट IMD Alert ने राजधानी दिल्ली (Delhi) सहित उत्तर भारत में गर्मी और लू का अलर्ट (heatwave alert) जारी किया गया है। हालांकि इसके साथ ही 2 दिन मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राजधानी दिल्ली सहित हरियाणा पंजाब मध्यप्रदेश और गुजरात में मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां तापमान (temperature) में दो से तीन फीसद की गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी का भी अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत में कई दिनों के बाद हल्की बारिश (rain alert) से मौसम सुहावना बना रहेगा। राजस्थान पंजाब हरियाणा और एनसीआर में बौछार देखने को मिल सकती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon 2022) के दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत में फैले होने के बावजूद मध्य और उत्तरी राज्यों में हीटवेव का चलना जारी है। अनुमान बताते हैं कि मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। उत्तरी गुजरात से पश्चिमी राजस्थान से लेकर दक्षिणी पंजाब तक अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

Monsoon पूर्वानुमान पर IMD का Update

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने कहा पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती सर्कुलेशन पहले ही बन चुका है। इससे मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा मानसून चरणों में चलता है, कभी धीमा और कभी-कभी यह शुरुआत के बाद बहुत तेजी से आगे बढ़ता है। यदि मानसून धीमी गति से आगे बढ़ रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि यह कमजोर हो गया है। मानसून को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करने के लिए कोई बड़ी प्रणाली नहीं है।

प्रायद्वीपीय भारत में आगे बढ़ता रहेगा मानसून

IMD के अनुसार, अगले दो दिनों में मॉनसून महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिक हिस्सों में आगे बढ़ना जारी रखेगा। मानसून देर से चल रहा है और विशेषज्ञ इसे कमजोर चरण के रूप में संदर्भित करते हैं, जो उन किसानों के लिए चिंता का कारण हो सकता है जो अपनी फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे हैं।

तापमान में गिरावट के बावजूद उत्तरी और मध्य भारत में शाम का न्यूनतम तापमान अगले पांच दिनों तक सामान्य से अधिक गर्म रहेगा। इन परिस्थितियों का खामियाजा गुरुवार को राजस्थान को भुगतना पड़ सकता है, पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) को उम्मीद है कि इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव की स्थिति चरम पर होगी। शुक्रवार और शनिवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, दक्षिण उत्तर प्रदेश, उत्तर पश्चिमी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, अंतर्देशीय ओडिशा और झारखंड के प्रांतों में भीषण लू देखने को मिलेगी।

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मौसम वैज्ञानिकों की माने तो एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर के प्रदेश क्षेत्र में प्रवेश करने वाला है। जिससे चक्रवाती हवाओं का असर दिखेगा। वही उत्तर पश्चिमी राजस्थान सहित दो विपरीत दिशाओं से आने वाली हवा से दक्षिण पूर्वी हवा और पछुआ हवा के टकराव के कारण एक ट्रफ लाइन तैयार होगी। जिसका असर उत्तर हरियाणा, यूपी के तराई क्षेत्र सहित पश्चिम बंगाल और बिहार में होगा। जिससे यूपी के कुछ जिलों में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। वहीं 16 जून के आसपास एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में एंट्री करेगा। जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गोवा, दक्षिणी महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसमें कहा गया है कि मानसून के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य अरब सागर और पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिक हिस्से को कवर करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल थीं। प्रायद्वीपीय भारत को कवर करने में मानसून अपने निर्धारित समय से कई दिन पीछे है।

इस साल मॉनसून की बारिश जरूरी है क्योंकि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत मार्च से अत्यधिक गर्मी और शुष्क दौर का सामना कर रहे हैं। यह देश की कृषि के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो इसके आर्थिक स्तंभों में से एक है। भारत का लगभग 60% असिंचित शुद्ध खेती वाला क्षेत्र जीवित रहने के लिए मानसून की बारिश पर निर्भर है। वार्षिक वर्षा का 70% हिस्सा मॉनसून मुद्रास्फीति, रोजगार और औद्योगिक मांग को प्रभावित करता है।

अगले 5 दिनों में कोंकण क्षेत्र में बारिश की संभावना

अगले पांच दिनों के दौरान, आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि कोंकण और गोवा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ व्यापक वर्षा, और मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ काफी व्यापक वर्षा होगी। IMD ने शुक्रवार और सोमवार को कोंकण और गोवा में भारी बारिश के साथ-साथ शनिवार और रविवार को अत्यधिक भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की।

पूर्व और दक्षिण भारत में वर्षा

आईएमडी ने अगले पांच दिनों में बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में छिटपुट वर्षा, गरज, बिजली और तेज हवाओं की भविष्यवाणी की है। इस बीच दक्षिण में 12 जून [रविवार] को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 10 से 13 जून [गुरुवार-सोमवार] और केरल और महाराष्ट्र में 11 और 12 जून [शनिवार और रविवार] को बारिश का अलर्ट जारी किया है।

पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा

हर साल 10 जून तक, मानसून आमतौर पर महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बड़े हिस्से को कवर कर लेता है। इस साल, इसने तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों को कवर किया है।