किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, 29 जुलाई से पहले पूरा करें काम, मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ के लिए प्रदेश में नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर भू अभिलेख के एकीकरण का कार्य किया जा रहा है।

किसानों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के लाखों किसानों (MP Farmers) के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। दरअसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Crop insurance scheme) के तहत मध्य प्रदेश के किसानों के खतरों का मिलान किया जा रहा है। मिलान करने के बाद किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसल बीमा राशि (crop insurance amount) समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम फसल योजना के तहत खरीफ और रबी की फसलों की बीमा करने बैंकों द्वारा किसानों के बैंक खाते से प्रीमियम राशि काटे जाने की अंतिम तिथि निर्धारित कर दी गई है। 31 जुलाई तक इस कार्य को पूरा किया जाएगा।

वहीं किसान कल्याण और कृषि विकास उपसंचालक एसके निगम द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। जिसमें कहा गया कि किसान बोई गई वास्तविक फसल की जानकारी 29 जुलाई तक उपलब्ध करा सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसान कल्याण कृषि विकास के उपसंचालक एसके निगम ने कहा कि यदि कोई ऋण में संलिप्त किसान इस योजना से बाहर निकलना चाहते हैं तो प्रीमियम काटे जाने की अंतिम तिथि के 7 दिन पहले यानि 24 जुलाई तक किसानों संबंधित बैंक को लिखित में अपनी सहमति या घोषणा पत्र उपलब्ध करवा सकते हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान की खरीफ और रबी फसल के अधिसूचित फसल का बीमा कराने बीमा कंपनियों को कार्य आदेश जारी किए गए हैं। वही वैसे किसान जो फसल बीमा में अपने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इच्छुक है, वह किसान कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक, बीमा मध्यस्थता सहित पीएमएफबीवाई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से पंजीयन कराने की पात्रता रखेंगे।

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इसके अलावा किसान कल्याण और कृषि विकास उपसंचालक ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ के लिए प्रदेश में नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर भू अभिलेख के एकीकरण का कार्य किया जा रहा है। फसल बीमा के लिए पंजीयन के समय किसानों की भूमि धारी जानकारी भू अभिलेख के आधार पर पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके लिए राजस्व विभाग के पास उपलब्ध डेटा का उपयोग कृषि और सहकारिता विभाग द्वारा किया जाएगा। जिसके माध्यम से किसानों के एक खसरे नंबर पर दो बैंक से बीमा की जानकारी स्पष्ट की जाएगी। इस प्रक्रिया को अपनाए जाने के पीछे किसानों को बीमा राशि मिलने और एक खसरे पर दो बैंक से बीमा कराने की समस्या ना हो, इसलिए ऐसी तैयारी की गई है। बता दे कि एक भूमि-खसरे पर एक ही बैंक से बीमा कराने का प्रावधान है।