पेंशनर्स से पेंशन पर आई बड़ी अपडेट, 3000 रूपए तक खाते में बढ़ेगी राशि, इन्हें मिलेगा लाभ

ऐसा व्यक्ति जो आयकर का भुगतान करते है और EPF, ESIC और एनपीएस द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान देता है। वह योजना में शामिल होने के लिए पात्र नहीं है।

PENSIONERS pension

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। करोड़ों पेंशनर्स (Pensioners) के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल वॉलंटरी पेंशन योजना (Voluntary Pension Scheme) के तहत को 60 वर्ष की आयु प्राप्त होने के बाद न्यूनतम 3000 रूपए प्रतिमाह पेंशन (pension) उपलब्ध कराई जाती है। वहीं इस मामले में कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने एक विज्ञप्ति जारी की। जिसमें कहा गया कि योजना 2019 में शुरू की गई थी। जिसमें असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 वर्ष के श्रमिकों को पेंशन का लाभ देने के लिए एक उम्र सीमा तक कुछ राशि का भुगतान करना होता है।

इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के वैसे श्रमिक जो 15000 रूपए प्रतिमाह कमाते हैं। 55 रूपए से लेकर 200 रूपए तक उम्र के आधार पर प्रीमियम राशि का भुगतान करेंगे। वह 60 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद लाभार्थियों को3000 रूपए मासिक पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि वॉलंटरी-अंशदाई पेंशन योजना शुरू होने के 3 साल बाद 50680 व्यापारी, छोटे दुकानदार और स्व नियोजित व्यक्तियों ने इस योजना के तहत अपना नामांकन कराया है। वही इस योजना के तहत 2023-24 तक 30 मिलियन नामांकन कराने का लक्ष्य रखा गया।

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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 65 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद लाभार्थियों को ₹3000 की मासिक पेंशन उपलब्ध कराई जाती है। वही लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को पेंशन के 50 फीसद राशि पाने की पात्रता होगी।

ऐसा व्यक्ति जो आयकर का भुगतान करते है और EPF, ESIC और एनपीएस द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान देता है। वह योजना में शामिल होने के लिए पात्र नहीं है। इससे पहले व्यापारी, स्व-नियोजित व्यक्ति, दुकान के मालिक, व्यापारी सहित डेढ़ करोड़ रुपए या उससे कम के वार्षिक कारोबार वाले रियल स्टेट एजेंट, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है, वह मान धन योजना में शामिल हो सकते हैं। वही 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद ₹3000 प्रतिमाह सुनिश्चित पेंशन उपलब्ध कराई जाती है।

राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि योजना के तहत कम नामांकन के कई कारण है। यह योजना छोटे दुकानदार, विक्रेता, व्यापारी पहले से ही इस योजना में शामिल किए गए हैं। वही कोरोना के कारण 2 वर्षों के दौरान इसके कार्यान्वयन में बेहद प्रभाव देखने को मिला है। मंत्री तेली ने कहा कि सरकार लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार की मशीनरी और माध्यम से लाभार्थियों को जुटा रही है। इसके लिए व्यापक सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया जा रहा है।