कमलनाथ ने सीएम शिवराज को लिखा पत्र, तेंदूपत्ता संग्रहण दर-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय पर बड़ी मांग

कमलनाथ ने सीएम शिवराज से अपील की कि इस विसंगति को दूर किया जाए और एरियर सहित मानदेय वृद्धि का लाभ दिया जाए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के पूर्व मुख्यमंत्री व पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamalnath) ने एक बार फिर से वनवासी परिवार सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (aanganwadi workers) -सेविकाओं के हित में कदम उठाया है। दरअसल प्रदेश में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सेविकाओं के साथ उनके आंदोलन में शामिल होने के बाद अब एक बार फिर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj)को पत्र लिखा है। इसमें एक तरफ जहां आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांग को पूरा करने की अपील की गई है। वहीं 20 लाख वनवासी परिवार के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण के दर को बढ़ाने की भी मांग की गई है।

पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सीएम शिवराज को पत्र लिखते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 20 लाख वनवासी परिवार हर साल तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। इन परिवारों द्वारा लाखों मानक बोरा तेंदूपत्ता का प्रतिवर्ष ग्रहण किया जाता है। जिसके लिए उन्हें प्रति बोरा ₹2500 रुपए की दर से भुगतान किया जाता है। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2019 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ₹2000 से बढ़ाकर 2500 रूपए तक रखी गई थी। हालांकि इसके बाद भुगतान की दरें नहीं बढ़ाई गई है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की तर्ज पर उन्होंने प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण दर ₹4000 मानक प्रति बोरा वितरित किए जाने की मांग की है।

कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता से अरबों रुपए के व्यापार प्रति वर्ष होते हैं लेकिन इसकी तुलना में लगे श्रमिकों की मजदूरी दर बेहद कम है। जिसको बढ़ाया जाना अति आवश्यक है। कमलनाथ ने CM Shivraj से अपील की है कि जल्द से जल्द निर्णय लिया जाए ताकि तेंदूपत्ता संग्रहण में रखे लाखों श्रमिकों के परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

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वही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं के पक्ष में लिखे पत्र में सीएम शिवराज से बड़ी अपील करते हुए कमलनाथ ने कहा कि 19 मार्च 2022 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है। उनकी मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुशल श्रेणी और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को अकुशल श्रेणी में मानकर न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है।

जिसके लिए कार्यकर्ता और सहायिका आंदोलन कर रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए मानदेय 10,000- 5750 और 5000 निर्धारित किए गए हैं जबकि केंद्र सरकार द्वारा 1 अक्टूबर 2018 से मानदेय में अंश को बढ़ाया गया है लेकिन इसका लाभ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नहीं मिल रहे हैं। कमलनाथ ने सीएम शिवराज से अपील की कि इस विसंगति को दूर किया जाए और एरियर सहित मानदेय वृद्धि का लाभ दिया जाए।

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वही Corona टीकाकरण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार स्वास्थ्य कार्यकर्ता के अतिरिक्त अन्य व्यक्ति के रूप में कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नियोजित किया गया था। जिसके लिए 200 रूपए प्रति व्यक्ति राशि प्रदान किए जाने थे लेकिन इसका लाभ भी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नहीं दिया गया है। जिसकी मांग आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं द्वारा की जा रही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका की मांगों पर विचार करने और सकारात्मक तरीके से निर्णय लेने की अपील की है।