Ken Betwa Project Link : परियोजना पर बड़ी अपडेट, कोर एरिया का होगा विस्तार, 21 गांव विस्थापित होंगे, संपत्ति का सर्वे शुरू

प्रथम चरण में दौधन बांध परिसर एवं उससे जुड़े कार्यों जैसे निम्न स्तरीय सुरंग, उच्च स्तरीय सुरंग, 221-किलोमीटर केन-बेतवा लिंक नहर एवं बिजलीघरों का निर्माण कार्य पूरा किया जायेगा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश के कई हिस्सों को प्रभावित करने वाले पानी की कमी के मुद्दों को दूर करने के लिए, केंद्र सरकार नदियों को जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना लेकर आई है। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (NPP) के तहत परिकल्पित केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken betwa link project) भारत में लागू होने वाली पहली नदी जोड़ने वाली परियोजनाओं (project) में से एक होगी। इस परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र में लगभग 10 लाख हेक्टेयर के लिए वार्षिक सिंचाई प्रदान करना, पेयजल आपूर्ति को बढ़ावा देना और 103 मेगावाट की जल विद्युत उत्पन्न करना है।

केन बेतवा लिंक परियोजना केंद्र सरकार सहित राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना में शामिल है। इस परियोजना में कई नदियों को एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई है। वहीं केन बेतवा लिंक परियोजना पर बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल केन बेतवा लिंक परियोजना की वजह से पन्ना टाइगर रिजर्व का आधा हिस्सा डूब जाएगा। ऐसे में पार्क में वन्य प्राणियों को दूसरे स्थान पर सुरक्षित बसाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कोरिया को विस्तार देने की योजना तैयार की गई है। वहीं पार्क से सटे 21 गांव के लोगों को भी विस्थापित किया जाएगा।

इसके अलावा राज्य सरकार ने राजपत्र में राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित कर दी गई है। वहीं छतरपुर पन्ना कलेक्टर ने गांव की संपत्ति का सर्वे शुरू कर दिए हैं। वहीं 6 से 8 महीने में सर्वे का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। वहीं राजस्व और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों राज्य और राज्य स्तरीय बैठक भी शुरू हो गई है। बांध में अब तक बड़ी अड़चन पार्क थी वन्य प्राणी को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना। इसके लिए भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।

1 फरवरी, 2022 को पेश केंद्रीय बजट 2022-23 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस महत्वाकांक्षी नदी को जोड़ने की परियोजना के लिए 44,605 ​​करोड़ रुपये के विशाल बजट आवंटन की घोषणा की। यह कदम इस आगामी बुनियादी ढांचा परियोजना को एक बड़ा धक्का देगा, जिससे 62 लाख लोगों को पीने के पानी, 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ लगभग 9 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई लाभ प्रदान करने की उम्मीद है। मार्च 2021 में, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की राज्य सरकारों ने परियोजना को लागू करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

8 दिसंबर, 2021 को, कैबिनेट ने केन बेतवा नदी जोड़ने की परियोजना के वित्तपोषण और कार्यान्वयन को मंजूरी दी, जिसे 44,605 ​​करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने परियोजना के लिए 39,317 करोड़ रुपये के केंद्रीय समर्थन को भी मंजूरी दी, जिसमें 36,290 करोड़ रुपये का अनुदान और 3,027 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है।

केन बेतवा लिंक परियोजना

Ken-Betwa Link Project (KBLP) NPP के प्रायद्वीपीय नदियों के विकास के तहत नियोजित 16 समान परियोजनाओं में से पहली नदी इंटरलिंकिंग परियोजना है। यह यमुना नदी की सहायक नदियों, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन नदी और उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी को जोड़ेगी। NPP का मुख्य उद्देश्य पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए नदी घाटियों से अधिशेष पानी वाले पानी को दुर्लभ पानी वाले लोगों तक पहुंचाना है। एनपीपी में हिमालयी नदियों का विकास और प्रायद्वीपीय नदियों का विकास दो घटक शामिल हैं।

Ken-Betwa Link Project नदी जोड़ने की परियोजना, को दो चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा: इस योजना के निर्माण कार्यक्रम को आठ वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है।

  • प्रथम चरण : प्रथम चरण में दौधन बांध परिसर एवं उससे जुड़े कार्यों जैसे निम्न स्तरीय सुरंग, उच्च स्तरीय सुरंग, 221-किलोमीटर केन-बेतवा लिंक नहर एवं बिजलीघरों का निर्माण कार्य पूरा किया जायेगा।
  • द्वितीय चरण : दूसरे चरण में केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत निचले ओर्र बांध, बीना परिसर परियोजना और कोठा बैराज के लिए विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

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केन बेतवा नदी जोड़ने की परियोजना की समयसीमा

  • अगस्त 1980: एनपीपी तैयार किया गया।
  • अगस्त 2005: परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए एमपी, यूपी और केंद्र सरकार की राज्य सरकारों द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • अप्रैल 2010: राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) ने केबीएलपी के पहले चरण के लिए डीपीआर को पूरा किया।
  • जनवरी 2014: एनडब्ल्यूडीए ने परियोजना के दूसरे चरण की डीपीआर पूरी की।
  • सितंबर 2014: आईएलआर कार्यक्रम को लागू करने के लिए नदियों को आपस में जोड़ने पर विशेष समिति (आईएलआर) का गठन किया गया।
  • अप्रैल 2015: MoWR, नदी विकास और गंगा कायाकल्प द्वारा नदियों को जोड़ने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था।
  • मार्च 2021: यूपी और एमपी की सरकारों ने केन बेतवा नदी जोड़ने की परियोजना को लागू करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • फरवरी 2022: सरकार ने केंद्रीय बजट 2022-23 के दौरान परियोजना के लिए 44,605 ​​करोड़ रुपये के बजट आवंटन की घोषणा की।

परियोजना लगभग 44,605 ​​करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरी की जाएगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण, परियोजना को लागू करने के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का गठन किया जाएगा और केंद्र सरकार कुल परियोजना लागत का 90% वहन करेगी, जबकि शेष राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा।

केन बेतवा नदी जोड़ने की परियोजना: लाभ और प्रभाव

सरकार भारत में जल संसाधनों के सतत विकास की दिशा में नदियों को जोड़ने के कार्यक्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में देखती है। बुंदेलखंड क्षेत्र के कई हिस्सों में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और पानी की कमी को दूर करने के संदर्भ में कई लाभ प्रदान करने के लिए केन बेतवा लिंक परियोजना को एक बहुउद्देश्यीय परियोजना के रूप में नियोजित किया गया है।

केन और बेतवा नदी को जोड़ने वाली परियोजना से वार्षिक सिंचाई और जल विद्युत उत्पादन भी होगा। केन बेतवा लिंक योजना से जिन जिलों को लाभ होगा उनमें मध्य प्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन और पन्ना और उत्तर प्रदेश के झांसी, महोबा, बांदा और ललितपुर शामिल हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र के 62 लाख लोगों को भी परियोजना के कारण बेहतर पेयजल आपूर्ति का अनुभव होगा।