Khargone: आदिवासी युवक की मौत का मामला, न्यायिक जांच के आदेश, जेल प्रहरी सहित 4 निलंबित

बिस्टान थाने के 4 लोगों को निलंबित कर दिया गया है।

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खरगोन, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के खरगोन (Khargone) में आदिवासी युवक (tribal youth) की मौत के बाद आज बवाल मच गया है। इस मामले में शिवराज सरकार (shivraj government) ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं जेल प्रहरी सहित चार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इधर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) का कहना है कि सभी अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह नीमच (neemuch) की घटना हो या खरगोन की। आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मामले में मंत्री कमल पटेल ने कहा कि खरगोन जिले के बिस्टान थाना क्षेत्र मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीँ कमल पटेल (kamal patel) ने कहा कि मृतक युवक के परिवारजनों की शिकायत के आधार पर बिस्टान थाने के 4 लोगों को निलंबित (suspended) कर दिया गया है। वीडियोग्राफी (videography) करवाकर निष्पक्षता के साथ डॉक्टरों के पैनल द्वारा मृतक का पोस्टमॉर्टम (postmortem) कराया जा रहा है। मामले में थाने के एक सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल (head constable), दो कांस्टेबल (constable) सहित जेल प्रभारी को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

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इससे पहले युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने बिस्टान थाने पर पहुंचकर जमकर तोड़फोड़ की और गाड़ियों और पुलिस के सिपाहियों पर भी पथराव कर दिया। इधर सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आंसू गैस के गोले छोड़े, वहीँ मामला शांत करवाया गया।पथराव में कई ग्रामीणों के साथ सिपाहियों के घायल हो गए है।

जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले खरगोन जिले की बिस्टान थाना पुलिस ने चोरी और डकैती के आरोप में माखेरकुंडी गांव के बिसन नाम के 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार किया था, जिसकी बीती देर रात अचानक मौत हो गई। जिसके बाद से हंगामा मच गया है।