जानिए, किस वजह से राज्य निर्वाचन आयोग को निरस्त करने पड़े MP पंचायत चुनाव

इसके साथ ही स्थान और सीटों के आरक्षण की स्थिति भी बदल गई।

पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में पंचायती राज चुनाव (MP Panchayat Election) निरस्त कर दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (state election commission) ने थोड़ी देर पहले बैठक के बाद यह निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा पंचायत राज्य चुनाव के संबंध में जारी किया गया अध्यादेश (ordinance) वापस लिया जाना पंचायत चुनाव के निरस्त होने का कारण बना।

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव निर्वाचन 2020-21 हेतु जारी की गई सभी कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। यानि पंचायत चुनाव अब नहीं होंगे। सभी जिलों के कलेक्टरों (collectors) व जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए आदेश में राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह (Basant pratap singh) ने लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश 2021 26 दिसंबर को वापस ले लिया गया था।

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इस अध्यादेश के वापस ले जाने के कारण राज्य में 21 नवंबर 2021 के पहले की स्थिति बहाल हो गई और इसके कारण आयोग ने जिस परिसीमन के आधार पर मतदाता सूची तैयार कराई थी, वह परिसीमन ही परिवर्तित हो गया और मतदाता सूची उसके अनुरूप नहीं रही। इसके साथ ही अध्यादेश की वापसी के साथ ग्राम पंचायत और उनके वार्ड, जनपद पंचायत और उनके निर्वाचन क्षेत्र व जिला पंचायत और उनके निर्वाचन क्षेत्र की सीमाएं भी उस अनुरूप नहीं रह गई जैसे कि अध्यादेश के जारी होने के बाद थी।

इसके साथ ही स्थान और सीटों के आरक्षण की स्थिति भी बदल गई। आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि इसके चलते चुनाव कराने के लिए परिसीमन और आरक्षण का स्टेटस वह नहीं रह गया था जिसके आधार पर चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी। ऐसी हालत में निर्वाचन प्रक्रिया को जारी रखा जाना उचित प्रतीत नहीं होता है और निर्वाचन संबंधित सभी कार्यवाहियो को निरस्त किया जाता है।