MP : लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पंचायत सचिव सहित 3 निलंबित, 18 अधिकारियों को नोटिस जारी

कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जवाब नहीं देने की स्थिति में अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) में भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी कर्मचारियों (corrupt officers) के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। दरअसल एक बार फिर से प्रोजेक्ट निदान के तहत कलेक्टर (collector) ने बड़ी कार्रवाई की है। जहां जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण करने पर कलेक्टर द्वारा पटवारी, आरआई, सीईओ को नोटिस (notice) और पंचायत सचिव को निलंबित (suspend) करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इतना ही नहीं कलेक्टर ने इस मामले में नायब को नोटिस देने के भी निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल मामला नरसिंहपुर जिले का है। जहां निरीक्षण के बाद कलेक्टर रोहित सिंह ने लोगों की समस्या सुनी। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत खमरिया और भैरोपुर में बिजली की समस्या लगातार जारी रहती है। जिसमें सुधार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। लोगों की समस्याओं का निदान भी मौके पर ही किया गया। वही सिलहटी में ग्रामीणों द्वारा शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने Patwari और RI को कारण बताओ नोटिस जारी करने और ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीईओ जनपद और नायब तहसीलदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरा मामला सागर जिले से सामने आई है। एक सर्राफा व्यापारी से चोरी का सामान खरीद जाने के आरोप में रुपए लेने की शिकायत सामने आए थे। पुलिस अधीक्षक सागर तरुण नायक ने साधा थाना निरीक्षक अनुपम शर्मा और उप निरीक्षक जेपी वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही दोनों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

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जानकारी के मुताबिक गढ़ाकोटा मे सुभाष वार्ड निवासी नरेश सोनी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर शिकायत की थी। उनकी शिकायत है कि प्रभारी कार्यवाहक अनुपम शर्मा उप निरीक्षक जेपी वर्मा ने चोरी के प्रकरण में उनके पुत्र निशांत सोनी से पूछताछ करने के लिए थाने बुलाया। लंबे समय तक थाने में बैठाए रखने के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा उनके पुत्र से ₹1 लाख रूपए की मांग की गई। वही ₹20000 लेने के बाद शेष राशि ₹80000 और लाने को कहा गया। वही बकाया राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 4 अप्रैल को निशांत पर चोरी का झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया गया।

इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के नायक द्वारा भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में उपनिरीक्षक जेपी वर्मा सहित प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक अनुपम शर्मा को विधि विरुद्ध और भ्रष्ट आचरण का प्रदर्शन का सेवा शर्त और रेगुलेशन के प्रावधानों का उल्लंघन मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

तीसरी कार्रवाई सांवेर जिले में की गई है जहां पुराना रोड पर बिना अनुमति के शराब की दुकान पर शराब बिक्री के बाद रहवासियों की शिकायत के बाद नगर परिषद द्वारा नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक दुकान नगर की सीमा के बाहर कूड़ाना रोड की है। मार्च के बाद शराब दुकान इस और आ गई है। जिसके बाद नगर परिषद की सीमा में होगा बिना अनुमति के पूरा निर्माण किया गया।

वहीं रहवासियों की शिकायत के बाद नगर परिषद आ जाएगा और दुकानदार को दो बार नोटिस जारी किया गया। बावजूद इसके शराब ठेकेदार दुकान शुरू करवा दी गई है। इस मामले में नगर परिषद के उपाध्यक्ष जीतू राज द्वारा कहा गया कि आवेदन देने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं नगर परिषद सीएमओ चुन्नीलाल जूनवाल का कहना है कि उक्त अवैध निर्माण को जल्द से जल्द तोड़ा जाए।

वही ग्वालियर में एक अन्य कार्रवाई के दौरान जनता की शिकायतों और समस्याओं का निराकरण नहीं करने की बात सामने आई है। दरअसल सीएम हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों का निराकरण नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश के बाद भी लापरवाही की सीमा बढ़ती जा रही हैहै। जिसके बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जानकारी के मुताबिक फरवरी महीने में सीएम हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज शिकायतों का निराकरण न करना 11 कर्मचारियों को भारी पड़ा है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वही 3 दिन के अंदर जवाब मांगे गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जवाब नहीं देने की स्थिति में अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।