शासकीय कार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, कनिष्ठ यंत्री-शिक्षक सहित 8 निलंबित, 86 को नोटिस जारी

अनुपस्थित 85 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी लिया गया है। स्पष्ट उत्तर ना देने पर उनके खिलाफ़ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। MP में इन दिनों लापरवाही पर बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। दरअसल लापरवाह अधिकारी कर्मचारी (negligent officer employee) पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी बीच आगर मालवा में बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल विद्युत वितरण कंपनी के अंदर आने वाले एसटीसी के आगर उप संभाग के पदस्थ कनिष्ठ यंत्री अमित पाटीदार को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। इसके अलावा 85 कर्मचारियों को नोटिस (Notice) जारी कर जवाब मांगा गया है।

एसटीसी आगर में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री पाटीदार पर 6 महीने पहले गंभीर आरोप लगाए गए थे। अमित पाटीदार पर 3 वर्षों से विवाह की सामग्री ठेकेदार को बेचने फर्जी कर्मचारी दर्शा कर उनका वेतन निकाले जाने और रिश्तेदारों के नाम पर लेबर में बिल बना कर भुगतान करने संबंधित ठेकेदार से राशि लेने के बाद ही ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरण दिए जाने और अनियमितता जैसी शिकायत पाई गई थी। जिसके बाद इन शिकायतों की जांच के लिए टीम गठित की गई थी।वहीं टीम की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद गंभीर अनियमितता पाए जाने के साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

एक अन्य कार्रवाई शिवपुरी जिले में की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने खनियाधाना जनपद पंचायत के रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट पर आधा दर्जन शिक्षकों को चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित किए हैं। 28 जून को थाना जनपद पंचायत में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान हुआ था। जिसमें शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगाई गई थी। वही निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने अनिल कुमार शर्मा, नंद गोपाल नामदेव, महेंद्र सिंह दांगी, मुकेश कुमार यादव, अनुपम रावत सहित मुकेश कुमार पटेरिया के खिलाफ प्रतिवेदन तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा था।

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वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन कार्यालय महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही करते हुए मतगणना पार्टी और ARO सहित एजेंट से अभद्रता तुम पूर्ण व्यवहार करने और कार्य के दौरान कक्ष के अंदर गोपनीयता नहीं रखने सहित सौपे गए पदीय दायित्वों का कर्तव्य ना करने के कारण इन शिक्षकों को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

एक अन्य कार्रवाई सागर जिले में की गई जहां विश्राम गृह भवन क्रमांक एक में 3 जुलाई को राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि के सामान को उनकी अनुपस्थिति में अन्य कमरे में शिफ्ट करने के बाद सांसद द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई थी। जिसके वायरल वीडियो पर कलेक्टर दीपक आर्य ने सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान विश्रामगृह के केयरटेकर को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट सपना त्रिपाठी को भी नोटिस जारी किया गया है।

इधर करने कार्रवाई राजधानी में की गई है। जहां राजधानी भोपाल मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचने वाले प्रत्याशी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले नगरीय निकाय चुनाव महापौर और पार्षद के लिए निर्वाचन बुधवार को होगा। प्रशासन ने अनुपस्थित पचासी कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

दरअसल जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश लवानिया की जानकारी के मुताबिक नगर निगम चुनाव के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। 2160 केंद्रों पर चुनाव होने हैं। इसी बीच मतदान दल में सम्मिलित अधिकारियों कर्मचारियों में अनुपस्थित 85 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी लिया गया है। स्पष्ट उत्तर ना देने पर उनके खिलाफ़ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।