MP College : विभाग की बड़ी तैयारी, NEP के तहत पूरी हो रही योजना, नए सत्र में UG-PG छात्रों को होगा फायदा

स्नातक प्रथम वर्ष के लिए अब तक 800 से अधिक ई कंटेंट मॉड्यूल को तैयार किया जा चुका है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के उच्च शिक्षा विभाग (higer education department) द्वारा कॉलेज छात्रों के लिए कंटेंट (E-content) तैयार किए जा रहे। दरअसल MP College UG-PG के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कई महीनों से तैयारी की जा रही है। वहीं इस दिशा में नवीन अपडेट सामने आई है। कोरोना काल में ऑनलाइन हुई कक्षा को लेकर अब नई शिक्षा नीति के2020 (NEP 2020) तहत एक ई-कंटेंट तैयार करने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के तहत छात्रों को उपलब्ध कराए जाने वाली सामग्री को ग्राफिक्स (graphics) और मल्टीमीडिया (multimedia) के जरिए तैयार किया जा रहा है।

मामले उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि कॉपीराइट फ्री इमेजेस और एडिटिंग टूल्स से e-content को और आकर्षक बनाया जा रहा है साथ ही ऑनलाइन प्रशिक्षण में ऑडियो वीडियो पीपीटी अपलोड करना सिखाया जा रहा है। स्नातक प्रथम वर्ष के लिए अब तक 800 से अधिक ई कंटेंट मॉड्यूल को तैयार किया जा चुका है।

आकर्षक ई-कंटेंट विद्यार्थियों की जिज्ञासा को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। इसके लिये ई-कंटेंट निर्माताओं को इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि वे अपने विषय के प्रस्तुतिकरण में ग्रॉफिक्स का अधिकाधिक और कॉपीराइट फ्री इमेजेस का उपयोग करें। यह बात देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मल्टी-मीडिया अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. चंदन गुप्ता ने ई-कंटेंट ऑनलाइन प्रशिक्षण में कही।

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शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय श्योपुर की भू-गर्भशास्त्र की सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका ओनकर ने आकर्षक वीडियो लेक्चर बनाने में थ्री-डी ग्रॉफिक्स, कॉपीराइट फ्री इमेजेस के प्रयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। वनस्पति-शास्त्र की सहायक प्राध्यापक डॉ. अजीत सिंह ने ऑडियो-वीडियो एडिटिंग टूल्स के उपयोग से किस प्रकार विषय को प्रवाहपूर्ण बनाया जा सकता है, की जानकारी दी। एनआईटीटीटीआर भोपाल की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रश्मि मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को वीडियो रिकॉडिंग में स्क्रिप्ट के महत्व से परिचित कराया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत गत वर्ष स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम से जुड़े 800 से अधिक ई-कंटेंट मॉड्यूल का निर्माण किया जा चुका है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक द्वितीय वर्ष में भी नवीन पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है, जिसके लिये ई-कंटेंट का निर्माण किया जाना है।

फैकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम के तहत 23 मई से स्नातक स्तर के 40 प्रमुख विषयों के नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार ई-कंटेंट एवं वीडियो लेक्चर तैयार किये जा रहे हैं। इसके लिये प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों से चयनित विषय-विशेषज्ञों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत दो चरणों में लगभग 1300 प्राध्यापकों को एवं संभाग स्तर पर चयनित नोडल अधिकारियों को ई-कंटेंट, पीपीटी एवं वीडियो लेक्चर तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।