जब हाई कोर्ट ने कहा- पूर्व कर्मचारियों का करें सम्मान, पेंशनर के पेंशन का हुआ भुगतान, निदेशक को 5000 रुपए का हर्जाना

इतना ही नहीं निदेशक के वेतन से काटी जा रही राशि पर ब्याज लगेगा। जिसका भुगतान भी अधिकारी ही करेंगे।

ग्वालियर, डेस्क रिपोर्ट। ग्वालियर हाई कोर्ट (Gwalior High court) ने वरिष्ठ अधिकारी को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कोषालय लेखा के निदेशक को फटकार लगाते हुए कहा है कि पूर्व कर्मचारियों (Pensioners) का सम्मान करें और उनके पेंशन (Pension) का समय पर भुगतान अवश्य करें। पूर्व कर्मचारी और पेंशनरों की पेंशन बंद करने के बाद कोषालय लेखा के निदेशक के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया गया था।

जमानती वारंट जारी करने के साथ ही पेंशनर्स को 1 लाख 32 हजार 561 रुके हुए पेंशन का भुगतान त्वरित प्रक्रिया के तहत किया गया। जिस पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कोषालय व लेखा के निदेशक को फटकार लगाई। उन्हें कहा कि पूर्व कर्मचारियों का सम्मान करें, ना कि उनके पेंशन बंद कर उन्हें भूख की ओर धकेलने का काम करें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कोषालय निदेशक राजेश सक्सेना पर 5000 रूपए का हर्जाना भी लगाया है। वही कोर्ट द्वारा लगाए गए हर्जाने की राशि निदेशक के वेतन से काटी जाएगी।

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इतना ही नहीं निदेशक के वेतन से काटी जा रही राशि पर ब्याज लगेगा। जिसका भुगतान भी अधिकारी ही करेंगे।दरअसल ग्वालियर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें गोपालपुरा मुरैना निवासी सवाई लाल जालौन ने कहा था कि वर्ष 2002 में पंचायत विभाग में वो डिप्टी डायरेक्टर पद से सेवानिवृत हुए थे। उन्हें अग्रिम पेंशन की सुविधा उपलब्ध थी लेकिन एक जनवरी 2022 से उनके पेंशन को बंद कर दिया गया।

विभागीय स्तर पर आवेदन देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिका के अपील पर कोषालय-विभाग से जवाब तलब किया। जिसमें डायरेक्टर जवाब नहीं पेश कर सके। इसके बाद निदेशक के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया था।