नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े पर सख्त हाई कोर्ट, रजिस्ट्रार को सुबह 10:00 बजे तक शपथ पत्र पेश करने के निर्देश, मिली हिदायत

गुरुवार की सुबह 10:00 बजे की जानकारी हर हाल में रजिस्ट्रार को शपथ पत्र प्रस्तुत कर देनी है।

madhya pradesh highcourt

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) में स्वास्थ्य सेवा से खिलवाड़ और नर्सिंग कॉलेज (private nursing colleges) के फर्जीवाड़े (forgery) के मामले में अब हाईकोर्ट (MP High court) ने नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने फर्जीवाड़े के मामले में कार्रवाई में हो रही लेटलतीफी पर लताड़ लगाते हुए एमपी नर्सिंग काउंसिल को फटकार लगाई है। इतना ही नहीं नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार से इस मामले में शपथ पत्र पर जवाब की मांग की गई है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने डेडलाइन तय करते हुए एमपी नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को आज सुबह 10:00 बजे तक शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने की स्थिति में हाई कोर्ट की अवहेलना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की हिदायत भी दी गई है। मध्यप्रदेश में खुले निजी नर्सिंग कॉलेज की मान्यता में हुए बड़े फर्जीवाड़े के बाद जनहित याचिका की सुनवाई जारी है।

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बुधवार को मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा के युगल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई की जा रही है। हाई कोर्ट मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को जिम्मेदारी सौंपी थी कि वह शपथ पत्र में जाहिर करें कि कितने नर्सिंग कॉलेज को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी करने के बाद कितनों के जवाब सामने आए हैं। वहीं कितनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। ऐसे कई सवाल थे। जिस पर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी थी। वहीं गुरुवार की सुबह 10:00 बजे की जानकारी हर हाल में रजिस्ट्रार को शपथ पत्र प्रस्तुत कर देनी है।

स्मॉल स्टूडेंट एसोसिएशन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से दायर याचिका पर स्वप्निल गांगुली ने दलील पेश की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट अनुमति देती है तो नर्सिंग काउंसिल एक कमेटी तैयार करेगी। जो नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता संबंधित जांच करेगी। जिस पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कमेटी बनाने की मांग को नकार दिया है।

दूसरी तरफ याचिकाकर्ता की ओर से वकील आलोक बागरेचा ने कोर्ट में दलील पेश करते हुए कहा कि नर्सिंग कौंसिल की ओर से ग्वालियर संभाग में जांच कमेटी बनाई गई थी जिसने गलत रिपोर्ट दी है और अपात्र कॉलेजों को भी क्लीन चिट दिया गया है।दलील पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से सवाल किए हैं कि 3 महीने पूर्व जिन 450 नर्सिंग कॉलेज संसाधन बिल्डिंग फैकेल्टी के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे, उन पर क्या कार्रवाई हुई है।

इसको लेकर सुबह 10:00 बजे तक रेशा शपथ पत्र में बताएं कि कितने कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है? कितनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है? किस तरह की कार्रवाई हुई है और कितनी कॉलेजों की मान्यता को समाप्त किया गया है? इस मामले में अगली सुनवाई आज होनी है।