MP News : लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 22 कर्मचारी निलंबित, शिक्षक-BMO सहित कई को थमाया गया नोटिस

इसके अलावा जिन अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया। उसमें सहायक ग्रेड 3 के कई कर्मचारी सहित पशुपालन विभाग के पशु परिचय भी शामिल है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों (negligent officer employees) पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी बीच भिंड जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल भिंड के कलेक्टर (bhind collector) व जिला निर्वाचन अधिकारी सतीश कुमार एस ने चुनावी कार्य में लापरवाही बरतने पर 11 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspend) कर दिया है।

जानकारी की माने तो जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया। उसमें शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक राजीव कुमार चतुर्वेदी के अलावा अनूप कुमार पांडेय, अनिल कुमार सविता, संतोष यादव, कमलेश भदोरिया, उत्तम सिंह कुशवाहा, विनोद कुमार, संतोष शर्मा, शराफत खान, आदित्य सिंह चौहान सहित आशुतोष उपाध्याय शामिल है।

बता दे कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2022 के प्रथम चरण के चुनाव संपन्न कराने के लिए कर्मचारियों को मतदान दल के क्रम संख्या 123 पर नियुक्त किया गया था। वही अपने कर्तव्य पर बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने और मोबाइल पर संपर्क का प्रयास करने के बावजूद मोबाइल स्विच ऑफ रखने के कारण पर यह कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने पर उन पर मध्य प्रदेश पंचायत नियम 1995 के नियम 17 का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है। जिसके बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील 1966 के 9 के तहत उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।

दरअसल एक अन्य बड़ी कार्रवाई इंदौर जिले में की गई है। जहां पंचायत चुनाव के दौरान लापरवाही बरतने और जिम्मेदारी के उल्लंघन पर श्रम निरीक्षक अविनाश अंगारे को निलंबित कर दिया गया है। पंचायत निर्वाचन के दौरान अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष सिंह ने रंगारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

इसके अलावा अशोकनगर मैं बड़ी कार्रवाई की गई है। बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी में अनुपस्थित होने पर 11 शासकीय सेवकों पर निलंबन की कार्रवाई की गई। इसके अलावा तीन शासकीय सेवकों के निलंबन के लिए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा गया। बता दें कि शाजापुर ट्रांसफर हो चुके एक शिक्षक को भी अनुपस्थित मानकर उन्हें जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

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इसके अलावा जिन अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया। उसमें सहायक ग्रेड 3 के कई कर्मचारी सहित पशुपालन विभाग के पशु परिचय भी शामिल है। भारतीय स्टेट बैंक अशोक नगर के प्रबंधक द्विवेदी को निलंबित करने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक स्टेट बैंक शिवपुरी को पत्र लिखा गया है। साथ ही प्राथमिक शिक्षक केंद्रीय विद्यालय मुंगावली को निलंबित किए जाने के लिए केंद्रीय विद्यालय मुंगावली के प्राचार्य को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा उच्चतर माध्यमिक शिक्षक सुखबीर वंशकार को निलंबित किए जाने के लिए मध्यप्रदेश शासन लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को पत्र लिखो उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है।

एक अन्य कार्रवाई हरदा जिले में की गई है। जहां जीएसटी टैक्स बनाने और टैक्स चोरी की रोकथाम के उद्देश्य से जीएसटी पंजीयन और नामांकन का दायरा बढ़ाने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नई मुहिम शुरू की गई है हालांकि जिन व्यापारियों पंजीकृत किया गया है। इस मामले में कई वेयरहाउस ट्रांसपोर्ट अस्पताल निजी स्कूल कॉलेज रेस्टोरेंट और होटलों को नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा एक अन्य कार्रवाई सिवनी जिले में की गई है। जहां चुनावी ड्यूटी का बहाना बनाकर स्कूल से गायब रहने वाले कुछ शिक्षकों के लिए मुसीबत बढ़ गई है। दरअसल स्कूल पहुंचे और अधिकारियों द्वारा स्कूल में 9 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे। वहीं शिक्षा अधिकारियों को ताला लगा मिला। जिसके बाद इन लापरवाह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं 3 दिन में जवाब नहीं देने पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि हाल ही में कलेक्टर ने हायर सेकंडरी और हाईस्कूल प्राचार्य सहित अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें शिक्षकों को बेवजह स्कूल नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके कलेक्टर के आदेश शिक्षकों के लिए बेअसर नजर आ रहे हैं। वही औचक जांच करने पहुंचे अधिकारी को कई स्कूलों में ताला लगा दिखा। इसके अलावा 9 स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। जिसके बाद 9 शिक्षकों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई शिवपुरी जिले में की गई जहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी पवन जैन ने बदरवास के दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत जाने के लिए अधिक निरीक्षण किया। इस दौरान  स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर नीलम अहिरवार को स्वास्थ्य केंद्र से नदारद देखने के बाद मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ने बड़ा एक्शन ले लिया है।

दरअसल निरीक्षण के बाद पाया गया कि मेडिकल ऑफिसर सहित अन्य स्टाफ मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहे हैं और स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। साफ-सफाई भी नहीं हो रही है। सीएमएचओ ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को नोटिस जारी करते हुए संबंधित स्टाफ 3 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बीएमओ से स्वास्थ्य संस्थाओं के निरीक्षण का प्रतिवेदन भी मांगा है।