MP News : सरकारी उपक्रमों को लेकर बड़ी तैयारी में सरकार, मांगी गई जानकारी, अपनाई जाएगी नई कार्यशैली

हालांकि अभी तक जानकारी विभाग को नहीं भेजी गई है लेकिन जल्द ही सभी विभागों द्वारा इसकी जानकारी वित्त विभाग को भेजी जाएगी।

मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट मध्यप्रदेश (MP) में जल्दी जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (District Co-operative Central Banks) में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। हालांकि अपेक्स बैंकों में नियुक्ति के लिए एक तरफ जहां मामला आगे बढ़ाने की तैयारी में शिवराज सरकार जुट गई है। नई नियुक्तियों की जगह नाबार्ड बैंक (NABARD Bank) के अधिकारियों को जिला सहकारी बैंक के सीईओ बनाया जा सकता है। इसके लिए सेवा शर्तों में भी संशोधन किए जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ वित्त विभाग द्वारा मध्य प्रदेश के सभी पीएसयू को 3 दिन के भीतर हिसाब किताब देने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश में 35 विभाग में 90 सरकारी उपक्रम कार्यरत है। जिसमें निगम मंडल के अलावा सरकारी उपक्रम भी शामिल है। वहीं कई सालों से यह सभी उपक्रम और निगम मंडल घाटे में चल रहे हैं। जिसके बाद सरकार ने विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। वित्त विभाग ने इस मामले में आदेश भी जारी कर दिए हैं। सभी प्रमुख सचिव, मुख्य सचिवों और सचिवों को पत्र लिखते हुए 2017 को समाप्त हुए वर्ष के प्रतिवेदन में विभिन्न इकाइयों द्वारा निवेश और प्रति लाभ बैलेंस शीट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वही 31 मई तक की पूरी जानकारी मांगे जाने के अलावा चालू खाता, बचत खाता, सावधि जमा खाता की बैलेंस शीट भी देने के निर्देश वित्त विभाग ने सभी पीएसयू को दिए हैं।

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बता दें कि सरकारी उपक्रम बेहद घाटे में चल रहे हैं। जिसका अधिकांश हिस्सा कर्मचारियों के वेतन भत्ते में निकल जाता है। वही सरकार अब बाजार से अधिक खर्च उठाने की तैयारी में है। जिसके लिए पूरी कवायद की जा रही है। जिसे कर्ज की लिमिट को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही सरकारी उपक्रम की अंश और बैंक एफडी को दर्शा कर सरकार पूंजी को बढ़ा हुआ दिखा सकती हैi हालांकि अभी तक जानकारी विभाग को नहीं भेजी गई है लेकिन जल्द ही सभी विभागों द्वारा इसकी जानकारी वित्त विभाग को भेजी जाएगी।

वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में सभी जानकारी देने को कहा गया है। जिसमें उपक्रम के प्रायोजन सहित किस प्रकार के कार्य शैली को अपना रहे हैं। उसकी लागत क्या है। जनहित की दृष्टि से इस की प्रासंगिकता क्या है और इससे प्राप्त अनुदान स्थापना से अब तक की अंश पूंजी सहित कुल ऋण और 3 सालों में शासन को दिए गए लाभांश और घाटे का ब्यौरा भी देने के निर्देश दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि राज्य में 35 विभाग के अधीन 90 सरकारी उपक्रम है। जिसमें सहकारिता विभाग के अपेक्स बैंक समेत सात, नगरीय निकाय और आवास के साथ तीन, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के तहत दो सहित चिकित्सा शिक्षा स्कूल शिक्षा तकनीकी शिक्षा के तीन-तीन, निगम मंडल बोर्ड परिषद और वन विभाग के तहत 5, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के तहत 4, पर्यावरण विभाग के तहत तीन, संस्कृति विभाग के तहत एक अन्य पीएसयू शामिल है।