मप्र पंचायत चुनाव : आयुक्त ने कलेक्टर-एसपी को दिए ये निर्देश, जल्द प्रस्ताव भेजें

राज्य निर्वाचन आयोग सचिव ने कहा कि आदर्श आचरण सहिंता लागू हो चुकी है। अत: शस्त्र लायसेंस निलंबन, संपत्ति विरूपण, कोलाहल नियंत्रण, अवैध शराब जब्ती आदि अन्य प्रतिबंधात्मक कार्यवाही गंभीरता से करें।

पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पंचायत चुनावों (MP Panchayat Election 2021) की घोषणा के बाद से इसकी तैयारियां तेज हो गई है।  राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह (State Election Commissioner BP Singh) खुद इसकी तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शुक्रवार को पंचायत आम निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में कमिश्नर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा के दौरान निर्देश दिए कि पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया में कोरोना गाइड लाइन का पालन सख्ती से करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं की जाए। इस बात का ध्यान रखें की चुनाव के कारण कोरोना के प्रकरण नहीं बढ़ें।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारियों को कोई भी समस्या हो, तो मुझसे सीधे बात कर सकते हैं। किसी भी कार्य के संबंध में अनुमति की आवश्यकता हो, तो जल्द प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि 3 साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्थानांतरित करें। श्री सिंह ने कहा कि अभ्यर्थियों से प्राप्त होने वाली निक्षेप राशि का लेखा-जोखा स्पष्ट रखें। आदर्श आचरण सहिंता का पालन सुनिश्चित किया जाए।

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उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं अति-संवेदनशील मतदान केन्द्रों का भ्रमण कार्यपालिक दण्डाधिकारी और पुलिस अधिकारी संयुक्त रूप से करें। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करें। सरपंच और पंच पद के लिये मतगणना मतदान केन्द्र पर ही होनी है, अत: वहाँ सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करें।

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राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने अधिकारियों से कहा कि प्रथम एवं द्वितीय चरण के लिये निर्वाचन की सूचना 13 दिसम्बर को और तृतीय चरण की 30 दिसम्बर को जारी की जाएगी। साथ ही आरक्षण और मतदान केन्द्रों की सूची भी प्रकाशित की जाएगी। रिक्त पदों की और स्थानों के आरक्षण की स्थिति की पुष्टि कर लें। श्री जामोद ने कहा कि जिला एवं विकासखंड मुख्यालय की तरह क्लस्टर स्तर पर भी सभी व्यवस्थाएँ समय पर सुनिश्चित कर ली जाएँ। नाम निर्देशन-पत्रों की जानकारी प्रतिदिन आईईएमएस के माध्यम से भेजें।

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आर ओ लेवल पर बनाएं सुविधा केन्द्र

श्री जामोद ने कहा कि जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य के नाम निर्देशन ऑनलाइन प्राप्त करने के लिये अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके लिये रिटर्निंग ऑफिसर स्तर पर सुविधा केन्द्र बनाए जाएँ। मत-पत्रों के त्रुटि रहित मुद्रण की व्यवस्था करें। निर्वाचन प्रक्रिया में उपयोग में आने वाली सामग्री का स्पष्ट आकलन कर लें।

कानून व्यवस्था का पालन हो 

राज्य निर्वाचन आयोग सचिव ने कहा कि आदर्श आचरण सहिंता लागू हो चुकी है। अत: शस्त्र लायसेंस निलंबन, संपत्ति विरूपण, कोलाहल नियंत्रण, अवैध शराब जब्ती आदि अन्य प्रतिबंधात्मक कार्यवाही गंभीरता से करें। ईव्हीएम का प्रबंधन बेहतर ढ़ंग से हो। प्रथम रेन्डमाइजेशन कलेक्टर द्वारा नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख के बाद किया जाएगा। द्वितीय रेन्डमाइजेशन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नाम वापसी के बाद किया जाएगा, जिसमें मतदान केन्द्रवार ईव्हीएम आवंटित होगी। निर्देश दिए गए कि विकासखंड स्तर पर ईव्हीएम के भंडारण, डीएमएम सीलिंग एवं सामग्री वितरण के पर्याप्त प्रबंध कर लिये जाये।

प्रशिक्षण का रखें ध्यान 

उन्होंने कहा कि मतदान दलों में लगने वाले कर्मचारियों को विकासखंड स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिलाया जाए। प्रशिक्षण में मतदान दल के कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। मतदान के पूर्व सभी मतदाताओं को मतदाता-पर्ची का वितरण सुनिश्चित करें। इस दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के ओएसडी  दुर्ग विजय सिंह, उप सचिव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।