MP School : 12वीं के छात्रों के लिए अच्छी खबर, स्कूल शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी, खाते में आएंगे 25 हजार रुपए

हालांकि 2021 में मेरिट नहीं बनने कारण किसी छात्र को लैपटॉप का वितरण नहीं किया गया था।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट एमपी स्कूल (MP School) के छात्रों के लिए बड़ी खबर हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा MP Board 85% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों के आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए गए हैं। दरअसल उन्हें लाभ दिया जाएगा। 85% अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप के लिए ₹25000 उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग *School Education deparment) ने तैयारी शुरू कर दी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने छात्रों को सूची भी सौंपी है। करीबन 45000 ऐसे छात्र हैं। जिन्होंने 12वीं में 85 फीसद से अधिक अंक हासिल की है। वैसे सभी छात्रों को लैपटॉप के लिए ₹25000 उपलब्ध कराए जाएंगे।

हालांकि नगर निकाय चुनाव के कारण एक बार मामला अटकने की उम्मीद जताई गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा 29 अप्रैल को घोषित की गई थी। जिसमें 6 लाख 57 हजार से अधिक बच्चे शामिल हुए थे। इनमें 6 लाख 29 हजार 381 बच्चे नियमित और 68 हजार से अधिक बच्चे प्राइवेट थे। वही 12वीं की परीक्षा में नियमित छात्रों का रिजल्ट जहां 72.72 फीसद रहा। वहीं छात्र का सफलता फीसद 69.94 जबकि 75.64 फीसद छात्राओं ने इसमें सफलता हासिल की थी।

ज्ञात हो कि वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के लिए प्रोत्साहन राशि की शुरुआत की गई थी। इस योजना की शुरुआत में सिर्फ शासकीय स्कूल के छात्रों को ही इसका लाभ दिया जाता था। हालांकि 2009-10 में प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की संख्या 473 थी।

Read More : सरकार का बड़ा तोहफा, बढ़ाई गई पेंशन की राशि, बुजुर्ग-महिला सहित दिव्यांगों को मिलेगा, कई बड़ी घोषणाएं

वही इस योजना को निजी स्कूल के छात्रों को भी शामिल किया गया। जिसके बाद तत्कालीन समय तक 50 फीसद वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती थी। हालांकि बाद में इसे सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए 85 फीसद और एससी एसटी वर्ग के छात्रों के लिए 75 फीसद कर दिया गया।

हालांकि छात्रों द्वारा 2018 में सीएम से लैपटॉप की लिए राशि की मांग की जाने लगी। जिसके बाद सीएम द्वारा सभी छात्रों को लैपटॉप की राशि की घोषणा की गई थी। हालांकि 2021 में मेरिट नहीं बनने कारण किसी छात्र को लैपटॉप का वितरण नहीं किया गया था।