शिवराज कैबिनेट की बैठक संपन्न, पद सृजन, सीट वृद्धि सहित किसानों-स्ट्रीट वेंडर्स के लिए कई अहम निर्णय, मिलेगा लाभ

इधर बैकलॉग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की अवधि को भी बढ़ाया गया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट की बैठक (MP Shivraj Cabinet Meeting) आयोजित की गई। जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले पर मुहर लगी है। दरअसल स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना (Street Vendor Atmanirbhar Nidhi Scheme) में स्टांप शुल्क की छूट दी गई है। यह मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। शहरी पथ विक्रेता को सरकार बैंक से अपनी गारंटी पर 20000 रुपए की कार्यशील पूंजी, ऋण (loan) के रूप में उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को मात्र 10 रूपए स्टांप शुल्क देना होगा।

शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा Narottam Mishra)  ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और CM Shivraj द्वारा स्ट्रीट वेंडर को व्यापार स्थापित करने के लिए बैंक से ऋण दिलाने का नवीन निर्णय लिया गया था। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। जिसके बाद अब पथ विक्रेताओं को बैंक से 20 हजार का ऋण दिलाया जाएगा। इसके लिए स्टांप शुल्क 25 रुपए से घटाकर 10 रुपए करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट मीटिंग में टीकाकरण के बूस्टर डोज अभियान को महाअभियान बनाने का निर्णय लिया गया है। 21 जुलाई से 25 सितंबर तक मध्य प्रदेश में बूस्टर डोज के लिए व्यापक अभियान चलाए जाएंगे। वहीँ मुफ्त में 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवा और वयस्कों को बूस्टर का डोज दिया जाएगा।

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इधर बैकलॉग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की अवधि को भी बढ़ाया गया है। दरअसल अनुसूचित जाति-जनजाति सहित ओबीसी और निशक्तजन के व्यक्तियों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए अवधि को 1 साल बढ़ाकर 30 जून 2023 करने का निर्णय शिवराज कैबिनेट बैठक में लिया गया है।

ऐसा ही नहीं कैबिनेट ने मध्य प्रदेश गौण खनिज नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी अनुमति दे दी है। अब सरकारी तालाब यह संरचना से निकलने वाली मिट्टी पर भी रॉयल्टी नहीं लगेगी। वहीं जिला खनिज प्रतिष्ठान नियर में भी संशोधन किया गया है। जिसके अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रभारी मंत्री की जगह कलेक्टर होंगे। साथ ही बोर्ड में लोकसभा, राज्यसभा के स्थानीय विधायक सदस्य के रूप में कार्यरत रहेंगे।

वहीं राजस्व मंडल संहिता में संशोधन किया गया है। अभी इसमें एक ही व्यक्ति बैठकर निर्णय करता था, अब उसे बैंच बना दिया गया है। अब खण्डपीठ इसमें निराकरण करेगी। इसके अलावा कृषि और किसान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मुरैना में बीज फार्म स्थापित किया जाएगा। इतना ही नहीं चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में पीजी सीट में वृद्धि के लिए सहमति दी गई है।

वहीं राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत व्यवसायिक महाविद्यालय राजगढ़ में 73 पदों के सृजन पर भी कैबिनेट बैठक में मुहर लगी है। चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर में 1000 बिस्तरों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है। साथ ही स्किल सेल एनीमिया के लिए नवीन योजना और इसकी राशि को कैबिनेट के द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है।