MP : शासकीय कार्य में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पंचायत सचिव-आंगनबाड़ी सेविका सहित 15 कर्मचारी निलंबित, 30 को नोटिस जारी

सहायक शिक्षक द्वारा मतदान कार्य में ड्यूटी के दौरान लापरवाही करने और मतगणना पार्टी सहित एजेंट से अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में लापरवाही (Negligence) पर बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल कई जिलों में अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित (MP Suspend) किए जाने के साथ होने शो कॉज नोटिस (notice) थमाया जा रहा है। इसी बीच एक बड़ी कार्रवाई इंदौर जिले में की गई है। जहां पीठासीन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक 25 जून को हुए पंचायत चुनाव के दिन वालों को कालीबिल्लौद के शासकीय प्राथमिक स्कूल के कमरा नंबर 1 के मतदान केंद्र 203 के पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए। दरअसल 24 जून की शाम को ही वह मतदान केंद्र पहुंच गए थे। पुलिस अधिकारी और एसडीएम रवि वर्मा द्वारा निरीक्षण के दौरान उसी रात 11:30 बजे काली बिल्लौद के मतदान केंद्र 203 पहुंचने पर जिनवाल मतदान केंद्र के कक्ष में शराब पीते पकड़े गए थे। जिसके बाद इस मामले में कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष सिंह ने पीठासीन अधिकारी जिनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

वहीं एक अन्य कार्रवाई बड़वानी जिले में की गई थी। जहां गुरुवार को पंचायत चुनाव के मतदान सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान शराब पीकर आए पीठासीन अधिकारी को  निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई। दरअसल बड़वानी और विकास ठीकरी के मतदान नोडल प्रभारी घनश्याम धनगर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। बता दे कि पंचायत ठीकरी के रिटर्निंग अधिकारी भागीरथ वाखला ने मतदान दल क्रमांक 1096 के पीठासीन अधिकारी रुमाल सिंह भार्गव पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी को शराब पीकर मतदान सामग्री लेने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

एक अन्य कार्रवाई नीमच में की गई है। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत द्वितीय चरण चरण में विकासखंड जावद में मतदान होने वाले मतदान के लिए गुरुवार को मतदान दलों को शासकीय महात्मा गांधी महाविद्यालय जावद से मतदान सामग्री वितरित कर मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया मतदान सामग्री प्राप्ति स्थल पर बगैर पूर्व सूचना और बगैर अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए 9 कर्मचारियों को अपर कलेक्टर सुश्री नेहा मीनाद्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिन्हें निलंबित किया गया है।

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उनमें अनुविभागीय अधिकारी कृषि कार्यालय नीमच के भृत्य प्रभु लाल भलवारा, कृषि उपज मंडी समिति नीमच के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुकेश अहिर, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग नीमच के सहायक ग्रेड रिजवान अयूबी, शासकीय प्राथमिक विद्यालय भोपतपुरा के प्राथमिक शिक्षक केसर सिंह भाटी, शासकीय प्राथमिक विद्यालय जाली नहर के सहायक अध्यापक जयप्रकाश शास्त्री शासकीय प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ा जाट के प्राथमिक शिक्षक यत्रवति शर्मा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय कालूखेड़ा के सहायक अध्यापक ज्योति कुमावत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महागढ़ के अध्यापक सत्यनारायण सोनी एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुंडला के सहायक अध्यापक कोमल पाटीदार को निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व के प्रति गंभीर उदासीनता बरतने और अपने कर्तव्य पर अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई शिवपुरी जिले में की गई है। दरअसल कलेक्टर द्वारा लापरवाही बरतने पर 31 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। जिनमें से 30 कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। वहीं एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बता दे कि नगरीय निकाय निर्वाचन के पहले चरण के प्रशिक्षण और सत्यापन कार्य में शासकीय कर्मचारी अनुपस्थित रहे हैं। वहीं अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नोडल अधिकारी प्रशिक्षण के समक्ष उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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इसके अलावा पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी क्रमांक 1 के प्रशिक्षण सत्यापन कार्य में अनुपस्थित रहने पर 23 शासकीय कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र दिए जाने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने तृतीय पंचायत आम चुनाव के अंतर्गत निर्वाचन कार्य संबंधी सौपे गए पद के दायित्व और कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाने पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुरावली के सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सहायक शिक्षक संपूर्णानंद त्रिपाठी द्वारा मतदान कार्य में ड्यूटी के दौरान लापरवाही करने और मतगणना पार्टी सहित एजेंट से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई मंदसौर जिले में की गई है। जहां आंगनवाड़ी सेविका द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करना उसे महंगा पड़ गया है। दरअसल इसके वीडियो वायरल होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया और आंगनबाड़ी सहायिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसमें महिला बाल विकास अधिकारी अखिलेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिका के वार्ड नंबर 28 के क्रमांक 2 की आंगनबाड़ी सहायिका फातिमा भी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया जा रहा। जिसके वीडियो वायरल होने के बाद उन पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले उन्हें नोटिस जारी कर उनसे जवाब भी मांगा गया था।

जबकि एक अन्य कार्रवाई गुना जिले में की गई है। जहां चुनावी कार्य में लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। बता दे कि पंचायत चुनाव में लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को कलेक्टर ने निलंबित किया है। इसमें जिला निर्वाचन अधिकारी आरबी सिंदोसकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत चुनाव में सहायक ग्रेड 3 शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और उनके अखिलेश श्रीवास्तव और वाटर मैन आदिम जाति कल्याण विभाग राजकुमार प्रजापति द्वारा नियत समय पर उपस्थित होकर सामग्री ना लेने के बाद उन पर यह कार्रवाई की गई है।

वहीं एक अन्य कार्यवाही मंदसौर जिले के सीतामऊ में की गई है। जहां ग्रामपंचायत बोरखेड़ी जागीर के सचिव शिव सिंह भाटी को सीईओ जिला पंचायत में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। शिव सिंह भाटी द्वारा ग्राम पंचायत बोरखेड़ी जागीर के मतदान केंद्रों पर a.m.s. संबंधी व्यवस्था नहीं की गई थी और मतदान दल के पहुंचने पर मतदान केंद्र भी बन पाए गए थे। जिसके बाद उन पर लापरवाही और उदासीनता बरतने के लिए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा अनुशासन और अपील नियम 1999 भाग 2 क (ख) में निहित प्रावधानों के तहत उन्हें सचिव के पद से निलंबित किया गया है।

इधर राजधानी भोपाल में 6 जुलाई को नगरीय निकाय के वोटिंग होनी है। इससे पहले 9000 से ज्यादा कर्मचारियों को 3 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। गुरुवार 30 जून को 3160 कर्मचारी को ट्रेनिंग दी गई थी। जिनमें 260 कर्मचारी ट्रेनिंग से गायब थे। यदि शुक्रवार को भी ट्रेनिंग में ऐसे कर्मचारी मौजूद नहीं रहते हैं तो उन पर नोटिस की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जवाब ना देने की स्थिति में उन्हें सस्पेंड भी किया जा सकता है।