पन्ना टाइगर रिजर्व पर हुकूमत करने वाले P-111 बाघ का निधन, बाघ पुनर्स्थापना योजना के तहत 2010 में हुआ था जन्म

75 से अधिक छोटे और बड़े बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल है। जिसमें पिछले साल 25 शावकों ने जन्म लिया है।

पन्ना, डेस्क रिपोर्ट। पन्ना टाइगर रिजर्व  (Panna Tiger reserve) से एक बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है। दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व के p-111 बाघ का निधन हो गया है। वही एक ही दिन में दो बाघों की मौत निश्चय ही विचलित करने वाली है वही पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के अधिकारियों की माने तो 13 वर्षीय बाघ P-111 की गुरुवार सुबह मौत हुई थी जबकि शाम को पी-234 के 10 महीने शावक का शव बफर के जंगल से बरामद किया गया था।

बता दें कि मार्च 2009 में T-1 बाघिन और पेंच के t-3 बाघ को पन्ना टाइगर रिजर्व में लाया गया था। जहां 16 अप्रैल को p-111 का जन्म हुआ था। 12 साल तक P-111 और उसके वंशजों ने पन्ना टाइगर रिजर्व को हरा-भरा रखने का काम किया वहीं गुरुवार को p-111 के अकस्मात मौत से पन्ना टाइगर रिजर्व हिल गया।

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बता दे कि p-111 18 महीने तक अपनी मां बहन T-1 के साथ रहा इस दौरान p-111 को शिकार में भी महारत हासिल थी। उनका अपना इलाका था। P-111 ने अपने पिता T-3  के इलाके तालगांव पठार पर भी कब्जा जमा लिया था। कोई दूसरा बाघ उसके इलाके में घुसपैठ नहीं कर पाता था। पन्ना टाइगर रिजर्व ने p111 के साम्राज्य को अपनी आंखों से देखा है। वही पर्यटक भी p111 की झलक पाने के दीवाने थे।

वही p-111 के शव मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम से पता चला है कि इसकी किडनी फेल हो चुकी थी। हालांकि उसके अवयव को जांच के लिए बरेली सागर और जबलपुर भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह पता चल पाएगी। वही पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा का कहना है कि बाघ p-111 13 साल से अधिक पुराना था और उसे किडनी की बीमारी थी। जिसके कारण उसकी मौत हुई है जबकि 10 महीने के शावक पी-234 की क्षेत्रीय लड़ाई में मौत हुई है। शावक के शरीर पर घाव के निशान मिले हैं। साथ ही गले में खरोच के निशान भी मिले हैं। जो इस बात की पुष्टि करती है कि शावक की मौत किसी बड़े बाघ से झगड़ा करने पर हुई है।

ज्ञात हो कि 2008 से पहले पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ विलुप्त हो चुके थे जबकि 2008-09 में पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ बहाली कार्यक्रम को लागू किया गया था। इसके बाद अचानक यहां की आबादी बढ़ी और 75 से अधिक छोटे और बड़े बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल है। जिसमें पिछले साल 25 शावकों ने जन्म लिया है।